राजकीय सम्मान के साथ हुआ डॉ. तीजन बाई का अंतिम संस्कार

सीएम साय, भूपेश बघेल सहित कई दिग्गजों ने दी अंतिम श्रद्धांजलि
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पंडवानी गायन को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. रायपुर एम्स में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी भव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक कला को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, प्रभावशाली प्रस्तुति और विलक्षण प्रतिभा से पंडवानी को वैश्विक पहचान दिलाई तथा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया.उनका निधन प्रदेश की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए.उन्होंने तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी कला ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई। उन्होंने तीजन बाई से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा की.
गौरतलब है कि 70 वर्षीय डॉ. तीजन बाई का शनिवार देर रात रायपुर एम्स में निधन हो गया था. वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं.भारतीय लोक कला में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था.
