पुस्तक विमोचन के साथ वरिष्ठ साहित्यकार कोशा का हुआ सम्मान
राजनांदगांव- छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग (छ.ग. शासन) का जिला स्तरीय साहित्यिक आयोजन रायपुर के न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन में आयोजित किया गया. जिसमें साहित्यिक धरा,संस्कार धानी नगरी के कवि/साहित्यकारों व लोक कला कारों ने अपनी उपस्थित देकर कार्यक्रम को गरिमा दी.
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू, रायपुर विधायक सुनील सोनी, धरसीवां विधायक अनुज शर्मा, इतिहासकार डॉ रमेंद्र नाथ मिश्र आदि द्वारा अपने उद्बोधन द्वारा छत्तीसगढ़ साहित्य के नए आयामों को लोगों के सामने रखा और छत्तीसगढ़ी भाषा को केंद्र सरकार के आठवें अनुसूची में दर्ज कराने भरसक प्रयत्न किए जाने की बात कही गई. इस दौरान पर उपरोक्त अतिथियों सहित छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष- प्रभात मिश्रा, सचिव – अभिलाषा बेहार ,श्रीमती शशि दुबे, ठाकुर महेंद्र सिंह आदि के हाथों डेढ़ दर्जन छत्तीसगढ़ी साहित्य से संबंधित पुस्तको का विमोचन सहित वरिष्ठ कवि/ साहित्यकार और लोक कला धर्मी आत्माराम कोशा “अमात्य” का शाल ओढ़ाकर व श्री फल प्रदान कर सम्मानित किया गया.
जिले के कवि साहित्यकारों ने काव्य पाठ से छोड़ी विशेष छाप
राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस सभागार में आयोजित उक्त राजभाषा आयोग के साहित्यिक आयोजन में जिले के कवि/ कथाकार मानसिंह “मौलिक” ने अपनी छत्तीसगढ़ी रचना “घाम के बेरा” का सस्वर पाठ कर उपस्थितों में विशेष छाप छोड़ी वहीं कवि थंगेश्वर कुमार साहू “मीत” ने “बासी की महिमा” का गान कर उपस्थितों से खूब वाहवाही पाई. इसी तरह कवि विरेंद्र कुमार रंगारी की छत्तीसगढ़ी कविता के साथ -साथ फकीर साहू फक्कड़ की व्यंग्य कविता भी खूब सराही गई. इस अवसर पर वरिष्ठ कवि शत्रुघन सिंह राजपूत की आखर वंदन पुस्तक भी विमोचित हुई. कवि एवं लोक कला धर्मी- पप्पू पौर्वात्य’ कलिहारी, थनवार निषाद” सचिन’ ने प्रदेश भर से आए कवि / साहित्यकारो से रुबरु मिलकर इस साहित्यिक समागम का अविस्मरणीय आनंद उठाया. इस दौरान डॉ. पीसी लाल यादव, कवि मीर अली “मीर”,विजय मिश्रा “अमित”, चंद्र शेखर शर्मा, चेतन भारती आदि सहित पूरे प्रदेश भर से आए बड़ी संख्या में कवि /साहित्यकार एवं लोक संस्कृति कर्मी जन उपस्थित थे. उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के सचिव मानसिंह “मौलिक” द्वारा दी गई.
