कागजात फर्जी निकले तो दिए बाउंस चेक

बालोद- जिला पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका (ऋण किताब) बनाकर दूसरे की जमीन बेचने वाले गिरोह के दो और फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7,000 रुपये नगद और अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया है. इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
यह पूरा मामला ग्राम लाटाबोड़ का है, जहां डमेन्द्र कुमार गंजीर नाम के किसान की करीब 1 एकड़ 60 डिसमिल कृषि भूमि है. आरोपियों ने इस जमीन के असली दस्तावेजों की हूबहू नकल कर एक फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर ली. इसके बाद आरोपियों ने खुद को जमीन का मालिक बताकर ग्राम देवारभाट के एक दंपत्ति के साथ 15 लाख रुपये में जमीन का सौदा तय कर लिया.
सौदा पक्का होने पर आरोपियों ने 1,50,000 रुपये बयाना (एडवांस) राशि ली और बकायदा इकरारनामा भी तैयार करवा लिया. कुछ समय बाद जब खरीदार दंपत्ति को पता चला कि जमीन के कागजात पूरी तरह फर्जी हैं, तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी. इस पर एक आरोपी ने पीड़ित पक्ष को डेढ़ लाख रुपये के दो चेक दिए, जो बाद में बाउंस हो गए. ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की. पूर्व में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद, टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए शेष दो फरार आरोपियों को भी धरदबोचा. पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस ने उनके पास से 7,000 रुपये कैश और मोबाइल बरामद किया है. दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
