मुख्यमंत्री ने रामायण महोत्सव में कहा कि रामराज्य में सबको सम्मान और सबको बराबरी का अवसर मिलता है. भगवान श्रीराम की प्रेरणा से हमारी सरकार भी सबको सम्मान और सबको अवसर दिलाने लगातार काम कर रही है. हम किसानों, मजदूरों का आर्थिक स्तर उठाने का काम कर रहे हैं. बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का काम कर रहे हैं. हमने तय किया है कि इस बार किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदेंगे. चाहे किसी भी तरह की दिक्कत आये.

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जहां जहां भगवान श्रीराम के चरण पड़े, उन्हें हम विकसित कर रहे हैं. इसकी शुरूआत हमने माता कौशल्या की पुण्यभूमि चंदखुरी से की. प्रदेश में 10 स्थलों का चयन कर इन्हें राम वनगमन पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है. हमने देश में पहली बार राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन कराया. श्रीराम से जुड़े स्थलों का विकास हम कर रहे हैं और इसी क्रम में नगरी सिहावा में भी यह किया गया है.
इस तरह विकसित किया गया परिपथ-
मुकुंदपुर में 8 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से भगवान श्रीराम की प्रतिमा, श्री राम वाटिका, दीप स्तंभ, एलइडी ब्राडिंग, सप्तऋषि की मूर्तियां, प्रवेश द्वार, कॉटेज, पार्किंग, एप्रोच रोड, पर्यटक सूचना केन्द्र, कलवर्ट निर्माण, कॉटेज निर्माण, लॉन डव्हलपमेंट, सीसीटीवी, यज्ञशाला, जनसुविधा केन्द्र, ड्रेन, विद्युतीकरण, ओव्हरहेड वॉटर टैंक, स्टेयर्स, सीढ़ी निर्माण, मॉडयूलर शॉप, सप्तऋषि स्थल का विकास, साइनेजेस, गजीबो, बाउण्ड्रीवॉल, साइट डव्हलपमेंट, गार्ड रूम का निर्माण किया गया है. वहीं श्रृंगी ऋषि आश्रम सिहावा में 1 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से करटेन वॉल ( म्यूरल के साथ), प्रवेश द्वार, रेलिंग एवं शेड निर्माण, गजिबो, सौदर्यीकरण, विद्युतीकरण, यज्ञशाला (पहाड़ी पर), इंटरनल प्लम्बिंग, श्रृंगी ऋषि आश्रम में स्थित हनुमान मंदिर का सौदर्यीकरण, पाथवे का विकास, जनसुविधा केन्द्र सहित विभिन्न अधोसंरचना बनाई गई हैं जिनका लोकार्पण हुआ.
