भिलाई- वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोनेश बंछोर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि भाजपा यह भ्रम फैला रही है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस के समर्थन से ही यह बिल सितंबर 2023 में संसद से पारित होकर कानून बना.
बंछोर के अनुसार, यह कानून 2026 में प्रस्तावित जनगणना के बाद लागू किया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस बिल को फिर से लोकसभा में लाकर इसके साथ अन्य संशोधन—131वां संविधान संशोधन, परिसीमन संशोधन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन—जोड़कर लोकसभा सीटों की संरचना बदलना चाहती है.
उन्होंने कहा कि केवल जनसंख्या के आधार पर परिसीमन करने से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच लोकसभा सीटों में असमानता बढ़ सकती है. उनका सुझाव है कि परिसीमन 2011 की बजाय 2026 की जनगणना के आधार पर लागू किया जाना चाहिए.
बंछोर ने महिला आरक्षण के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी नींव पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने रखी थी, जब उन्होंने नगरीय निकायों और पंचायतों में 33% आरक्षण का प्रस्ताव दिया. बाद में पी वी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में 1992 में इसे लागू किया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री और पहली महिला राष्ट्रपति देने का काम किया है, और पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के समर्थन में रही है.
