कलेक्टर से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने की शिकायत
राजनांदगांव- विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रहीं हैं. जैसा की कांग्रेस ने शुरु से कहा है, यह वोट चोरी का सुनियोजित और संगठित प्रयास है ताकि भाजपा को इसका लाभ मिल सके. शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, प्रदेश सचिव मेहुल मारु ने इस संबंध में पत्रकारवार्ता लेकर निर्वाचन आयोग पर एसआईआर में मतदाताओं का नाम हटाकर चुनावों के परिणाम प्रभावित करने के सुनियोजित षड़यंत्र के आरोप लगाए हैं.
पत्रकारवार्ता के बाद शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर जितेंदर यादव से मुलाकात की और मामले को उनके सामने रखा. कलेक्टर ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की जांच की जाएगी और जो भी इसके लिए दोषी पाया जाएगा उस पर कठोर कार्रवाई होगी.
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के संज्ञान में जो गड़बडि़यां हैं उनके अनुसार कई जीवित मतदाताओं को मृत बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. प्रदेश कांग्रेस सचिव मेहुल मारु का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया जबकि उनके परिवार के सदस्यों का नाम इसमें शामिल है.
प्रभावित मतदाताओं द्वारा जानकारी दी जा रही है कि एसआईआर के दौरान उन्होंने बीएलओ को समस्त दस्तावेज दिए थे. तब सभी जानकरी पर्याप्त और सही बताई गई थी. लेकिन अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है. कई मतदाताओं ने तहसील कार्यालय में पेशी में भी अपना पक्ष रखा था.
बसंतपुर निवासी कुसुम जायसवाल को मृत बताते हुए मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है, जबकि वे जीवित हैं और उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया में हिस्सा भी लिया था. इसी तरह राजनांदगांव विधानसभा के भागसंख्या 63 – नंदई बसंतपुर के मतदाता टोमन ठाकुर को भी मृत बताकर मतदाता सूची से उनका नाम पृथक कर दिया गया. शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि यह गंभीर गड़बडि़यां स्पष्ट संकेत देती हैं कि चुनाव में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाकर भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है. राजनांदगांव विधानसभा में एसआईआर में हजारों नाम काटे गए हैं. ये एक बड़ी संख्या जो चुनाव में बड़े अंतर पैदा करता है. अब जिस तरह से गड़बडि़यां उजागर हुई हैं उसे देखते हुए निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. हमारी मांग है कि इन प्रकरणों को देखते हुए मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पुन: सत्यापन करवाया जाए और निर्वाचन आयोग स्पष्ट करे कि एसआईआर में क्यूं और कैसे इतनी गंभीर त्रुटियां हुईं व इसके लिए कौन जिम्मेदार है. ऐसे प्रकरणों पर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी.कांग्रेस प्रदेश सचिव मेहुल मारु ने कहा कि, एसआईअर भाजपा और निर्वाचन आयोग की जुगलबंदी है जिसमें चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के लिए अनैतिक प्रयास किए गए हैं. मतदाताओं के नाम हटाकर, जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर गड़बडि़यां की गई है.
इस दौरान सूर्यकांत जैन, झम्मन देवांगन, विनय झा, लक्ष्मण साहू, वीरेन्द्र चंद्राकर, ललित कुमरे, ललित मरकाम, राकेश चंद्राकर, आशीष साहू, अमर झा, दुष्यंत चंद्राकर, विशु आजमानी, जय जायसवाल, आदित्य वैष्णव सहित अन्य उपस्थित थे.
