ऐतिहासिक उत्साह के साथ मनी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती, 19 भव्य झांकियों ने बढ़ाया गौरव
राजनांदगांव- डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर नगर में भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया. कार्यक्रम में हजारों लोगों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया.
इस अवसर पर नगर के विभिन्न वार्डों से 19 आकर्षक एवं संदेशपूर्ण झांकियां निकाली गईं. ये झांकियां नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सिविल लाइन स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक भवन पहुंचीं, जहां मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. झांकियों में सामाजिक समरसता, शिक्षा, समानता और संविधान के महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी.
मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने और समाज में समानता एवं न्याय स्थापित करने का संदेश दिया. वक्ताओं ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है.
कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया. बुद्ध वंदना एवं भिम गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को भावविभोर कर दिया. देर रात तक चले इस आयोजन में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था.

यह भव्य आयोजन रात्रि 2 बजे तक निरंतर चलता रहा, जिसमें नगरवासी अंत तक जुड़े रहे. संपूर्ण आयोजन ने सामाजिक एकता, जागरूकता और उत्साह का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया.इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अभिषेक सिंह (पूर्व सांसद, राजनांदगांव) उपस्थित रहे. उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के संघर्षों और उनके बनाए गए संविधान से समता बंधुत्व और न्याय को अंगीकार करने और शिक्षा से सामाजिक क्रांति लाने की बात कही,वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में मधुसूदन यादव (महापौर, नगर पालिक निगम) ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिध्वनि समाज में शिक्षा के रूप में है, डॉ बाबासाहेब आंबेडकर को समझना और उनके मार्ग में चल कर प्रगतिशील समाज बना हुआ है और शिक्षा के क्षेत्र में समाज अग्रणी है डॉ. दिवाकर रंगारी (डायरेक्टर, शुक्ला मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल) एवं सुप्रसिद्ध डॉ. प्रकाश खुंटे (मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव) शामिल हुए.
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शंभू कुमार सिंह (नेशनल दस्तक संपादक, दिल्ली) ने अपने विचार रखते हुए बाबा साहेब के संघर्ष, संविधान निर्माण और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती कविता वासनिक ने की, जबकि संयोजक के रूप में समाज प्रमुख दीपांकर खोब्रागढ़े एवं राजू बरमाटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही. कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन बाबा साहेब आंबेडकर जयंती आयोजन समिति के संयोजक दीपांकर खोबरागड़े द्वारा किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य भंते महेंद्र महाथेरो जी एवं पूज्य भंते धर्मपाल जी द्वारा बुद्ध वंदना त्रिशरण पंचशील से हुई. इसके पश्चात सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में पीयूष वासनिक एवं उनके साथियों द्वारा शानदार भीम गीतों की प्रस्तुति दी गई.
इस दौरान नगर के विभिन्न वार्डों से निकली 19 भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचीं. झांकियों में बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष एवं सामाजिक संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया.
पूरे कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ा रहा और देर रात तक उत्साह बना रहा. यह भव्य आयोजन रात्रि 2 बजे तक चलता रहा, जिसमें लोगों ने अंत तक सहभागिता निभाई. कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, जागरूकता और प्रेरणा का संदेश दिया. कार्यक्रम में बौद्ध समाज और नगर के प्रबुद्ध लोगों की उपस्थिति रही.
