सूरजपुर : सूरजपुर में 10वीं की छात्रा की मौत पर पुलिस का लापरवाह चेहरा सामने आया है. छात्रा का शव सोमवार को संदिग्ध हालत में फांसी पर लटका मिला. इसके बाद भी 20 घंटे वहीं पड़ा रहा. पुलिस पहुंची तो परिजनों ने हत्या कर लटकाए जाने की आशंका जताई. इस पर कलेक्टर और एसपी को सूचना दी गई, लेकिन इसके बाद भी एफएसएल की टीम नहीं पहुंची. गांव में नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत के कारण सोमवार दोपहर से लेकर मंगलवार दोपहर तक गांव में किसी के घर चूल्हा भी नहीं जला.
मां ने घर से किसी लड़के को भागते हुए देखा
जानकारी के अनुसार, ग्राम बभना निवासी 16 साल की लड़की सोमवार को घर में अकेली थी. इस बीच दोपहर करीब ढाई बजे उसकी मां किसी काम से लौटी तो उसने एक लड़के को घर से निकलकर भागते हुए देखा. इस पर वह लड़के के पीछे भागी और करीब आधा किमी पीछा कर उसे पकड़ लिया, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर भाग निकला. इसके बाद महिला घर पहुंची तो देखा कि उसकी बेटी फांसी से लटकी हुई थी. उसने जिंदा होने की संभावना पर बेटी को नीचे उतारा, पर उसकी सांसे थम चुकी थी.
इसकी जानकारी गांव में फैली तो लोगों ने कुदरगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी. करीब तीन बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई. इस दौरान माता-पिता ने बेटी की हत्या कर शव लटकाए जाने की आशंका जताई और उन्हें पूरी बात बताई. मामला संदिग्ध और नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने एसपी सहित अन्य वरिष्ठ अफसरों को इसकी जानकारी दी. साथ ही कहा कि, एफएसएल टीम की जांच के बाद ही पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सकेगा.
अगले दिन सुबह 11 बजे पहुंची एफएसएल टीम
घटना का पता ओड़गी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी को लगा तो उन्होंने फोन कर जानकारी सूरजपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल को दी. राजेश तिवारी ने बताया कि कलेक्टर ने पुलिस का मामला बताकर एसपी से बात करने को कहा. इसके बाद एसपी रामकृष्ण साहू से जानकारी दी और एफएसएल टीम भेजने का निवेदन किया. इसके बाद भी टीम नहीं पहुंची. अगले दिन मंगलवार सुबह11 बजे अंबिकापुर से एफएसएल टीम आई तब किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.
पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा
बभना गांव में किशोरी का शव घर में पड़े होने के कारण सोमवार दोपहर बाद से मंगलवार दोपहर तक किसी के घर का चूल्हा नहीं जला. गांववालों ने बताया कि गांव में शव होने की स्थिति में चूल्हा नहीं जलाने की मान्यता है. भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि स्थानीय पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण एफएसएल की टीम समय पर नहीं पहुंची. पुलिस की इस लापरवाही का नतीजा पूरे गांव को भुगतना पड़ा. हाईप्रोफाइल मामला होने पर क्या 20 घंटे इंतजार कराते.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एसडीओपी भैयाथान राजेश जोशी ने बताया कि किशोरी का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव दोपहर करीब 2 बजे परिजनों को सौंप दिया गया. रिपोर्ट मिलने के बाद पता चल सकेगा कि खुदकुशी की है या उसकी हत्या की गई है. जिस लड़के को भागते हुए महिला ने पकड़ा था, उससे छात्रा की बात 2.10 बजे दोपहर में मोबाइल से हुई थी. फिलहाल लड़के से पुलिस ने पूछताछ नहीं की है, लेकिन उसके बारे में जानकारी मिल गई है. राजेश जोशी ने बताया कि सूरजपुर में एफएसएल की टीम नहीं है, अंबिकापुर की टीम आई.
