जांजगीर-चांपा : जांजगीर-चांपा के नैला चौकी क्षेत्र में अपने अवैध संबंधों को छिपाने के लिए एक मां ने ही अपने बेटे की जान ले ली. पहले तो बेटे को गला दबाकर मार डाला. फिर तार से हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंक दिया. इसके बाद बेटे की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी. बेटे की गलती इतनी थी कि उसने अपनी मां को चाचा के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था. फिलहाल करीब एक माह बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी महिला और उसके देवर को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक, मुड़पार गांव निवासी द्वासा बाई धीवर ने 14 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका बेटा विशेष (15) 13 अप्रैल से लापता है. उसने बेटे के अपहरण की भी आशंका जताई. पुलिस ने जांच शुरू की. इस बीच 13 मई को द्वासा बाई की बाड़ी से लगे गांव के कुएं में एक बच्चे का शव बरामद हो गया. उसकी पहचान द्वासा बाई ने अपने बेटे विशेष धीवर के रूप में की. विशेष के हाथ-पैर तार से बंधे हुए थे और पत्थर बांधकर उसके शव को कुएं में फेंका गया था. इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया.
पुलिस ने एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच शुरू की. संदेह के आधार पर पुलिस ने मां द्वासा बाई धीवर और चाचा राजू धीवर को हिरासत में ले लिया. पूछताछ के दौरान पहले तो वह इनकार करते रहे, फिर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली. आरोपियों ने बताया कि विशेष के पिता हत्या के मामले में 2008 से जेल में सजा काट रहा है. इसी बीच द्वासा बाई धीवर और राजू धीवर में प्रेम संबंध हो गया. दोनों 13 अप्रैल को बैंक गए थे, वहां से लौटकर आए तो बिस्तर में साथ थे. इसी बीच विशेष भी आ गया. उसने अपनी मां को चाचा के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा तो पिता को सारी बात बताने के लि कहा.
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि, अवैध संबंधों का खुलासा होने के डर से चाचा राजू ने विशेष का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद दोनों ने मिलकर विशेष के शव को तार और पत्थर से बांधकर कुएं में फेंक दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.
