दुर्ग : ऑनलाइन ठगी ठगी के कई मामले आपने देखे और सूने होंगे. लेकिन दुर्ग जिला में ठगी का एक अनोखा ही मामला सामने आया हैं. यहां शातिर ठगों ने फ्लिपकार्ट से 45 लाख रुपए के मोबाइल, घड़ी, कैमरा और लैपटॉप कैश ऑन डिलिवरी के आर्डर पर मंगा लिए. उसके बाद उसकी डिलिवरी लेकर के नाम पर सारे सामान लेकर रफू चक्कर हो गये. डिलिवरी के बाद भी जब कुरियर कंपनी में पैसा नहीं पहुंचा, तो संचालक ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करायी. दुर्ग पुलिस ने इस मामले में एक युवती सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर करने में सफलता हासिल की हैं, जबकि वारदात के तीन मास्टर माइंड फरार हैं.
ठगी का ये अनोखा मामला दुर्ग जिला के धमधा थाना क्षेत्र का हैं. एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने इस मामले का आज खुलासा किया हैं. एसपी ने बताया कि धमधा थाना ठगी का ये मामला सामने आया था. घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने आईपीएस प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम गठित की.
जांच में पता चला कि जामुल थाना क्षेत्र निवासी अमर मंडल ने अपने दोस्त अरविन्द के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है. आरोपी पहले भी कुरियर कंपनी में डिलिवरी ब्वाय का काम कर चुके हैं. पुलिस की जांच में ये बात सामने आया कि आरोपियों ने अपने साथियों के मोबाइल नंबर के फर्जी नाम से दुकान का रजिस्ट्रेशन कराया था. उसके बाद उन्हीं सारे पते पर 45 लाख का सामान ऑन लाइन मंगा लिया.
जब पूरा माल फ्लिपकार्ट से आ गया, तब डिलिवरी करने के लिए कुरियर कंपनी से अमर निकला. इसके बाद उसने योजनाबद्ध तरीके से कुरियर कंपनी मैसेज किया उसने 45 लाख रुपए की डिलिवरी कर दी है. रात होने के कारण कैश दूसरे दिन सुबह लेकर आने की जानकारी दी गयी. कुरियर कंपनी ने उसकी बात पर विश्वास कर लिया.
इधर समय मिल जाने से आरोपी पूरा सामान लेकर राजनांदगांव पहुंचे और वहां खैरागढ़ पांडुका निवासी 19 साल की मोनिका मौर्य के पुराना बस स्टैंड राजनांदगांव स्थित घर में सामान को छिपा दिया. इस वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने 95 प्रतिशत माल जब्त कर मोनिका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. साथ ही उसकी निशानदेही पर चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है.
आरोपियों ने बताया कि वो लोग पहले भी अमर मंडल के साथ काम कर चुके थे. अमर को फ्लिपकार्ट की डिलिवरी का सिस्टम पहले से पता था. उसने सबसे पहले फ्लिपकार्ट से टाइअप वाली कुरियर कंपनी में नौकरी की. इसके बाद अलग-अलग दोस्तों के नंबर और पैन कार्ड से फ्लिप कार्ड में सेलर आईडी जनरेट किया गया. इसके बाद अलग-अलग सेलर आईडी से 45 लाख का सामान कैश ऑन डिलिवरी के माध्य से मंगा लिया. जब पूरा सामान एक ही पिन कोड में डिलिवरी के लिए दुर्ग पहुंचा, तब कुरियर कंपनी के संचालक ने माल डिलिवरी के लिए अमर को जिम्मेदारी दी. अमर ने 25 तारीख को ही डिलिवरी के लिए माल लिया. इसके बाद अपने एक दोस्त की कार को मंगवाकर सारा सामान कार में रखकर राजनांदगांव अपनी दोस्त मोनिका के घर पहुंच गया.
वहां उसने सभी डिलिवरी को वहीं से बैठकर स्कैन किया और सामानों की डिलिवरी दिखाकर कुरियर कंपनी में माल डिलिवर का मैसेज भेज दिया गया. दुर्ग पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में राजनांदगांव निवासी दीपक साहू, मनीष कुमार दास, कुमारी मोनिका मौर्य, रायपुर निवासी विकास साहू और दुर्ग निवासी अंकित परगनिहा को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं इस पूरे मामले का मास्टर माइंड जामुल निवासी अमर मंडल, भिलाई निवासी अरविंद वर्मा और लोकेश साहू पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस तीनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं.दुर्ग एसपी डाॅ.अभिषेक पल्लव ने बताया कि आरोपियों ने फ्लिपकार्ट से कुल 112 सामानों का आर्डर किया था. इसमें 90 महंगे मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप,3 कैमरा, 7 घड़ी और एक जोड़ी जूता को पुलिस ने रिकवर कर लिया है. वहीं अभी भी 20 शिपमेंट को जब्त नहीं किया जा सकता है.
