गरियाबंद : गरियाबंद के ग्राम केरगांव में एक डेढ़ साल का मासूम खेलते खेलते गहरे कुएं में जा गिरा मगर बुआ के साहस के चलते मासूम की जान बच गई. बुआ ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए तत्काल कुएं में छलांग लगा दी किंतु तब तक बच्चे के पेट में पानी भर चुका था और सांस लगभग बंद हो रही थी. इसके बाद बच्चे के पेट में भरा पानी दबाकर और बच्चे को उल्टा कर निकाला, बच्चे को मुंह से कृत्रिम सांस दी तब जाकर बच्चे की धड़कन पुनः चालू हुई. हालांकि बच्चे की हालत अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है जिसे देखते हुए जिला चिकित्सालय से उसे रायपुर रेफर किया गया है.

केरगांव के ध्रुव परिवार के यहां रविवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब दादी ने देखा कि डेढ़ साल का मासूम हर्ष ध्रुव खेलते खेलते कुएं में गिर गया है और छटपटा रहा है. चीख-पुकार मचाने पर कुछ और लोग पहुंचे मगर गहरा कुआं देखकर किसी की हिम्मत नहीं पड़ी और वे बेबस होकर मासूम को मौत के मुंह में जाता हुआ देखते रहे .
जान बचाने बच्चे की साहसी बुआ ने कुएं में लगा दी छलांग
इसी बीच बच्चे की बुआ गायत्री ध्रुव ने बच्चे की जान बचाने अपनी जान की परवाह ना करते हुए अंधेरा होने के बावजूद 20 फीट गहरे कुएं में छलांग लगा दी और कुएं में बच्चे को ढूंढने लगी. बच्चे की बुआ गायत्री ध्रुव ने बताया कि नीचे बच्चे को ढूंढने पर उसकी सांस लगभग बंद हो रही थी. पेट और सीने में पानी भर गया था. बच्चे को उल्टा कर पेट को दबाकर पानी बाहर निकाली. फिर भी सांस नहीं चालू हुई तो मुंह से बच्चे को अपना कृत्रिम सांस देकर कई बार फेफड़े में हाथों के पंजे से दबाने (pumping ) के बाद बच्चे की धड़कन शुरू हुई और उसकी सांसे पुनः लौट आई. ऊपर से दूसरे लोगों ने जब रस्सी फेंकी तो अपने मैं लपेटकर बच्चे को लेकर स्वयं ऊपर आई तब तक लोगों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया. बच्चे के फेफड़े में पानी भरने के चलते गंभीर स्थिति होने पर उसे रायपुर रिफर किया गया. वहीं कुएं में कूदने के चलते बुआ गायत्री ध्रुव का पैर टूट गया जिसे गरियाबंद में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.
