भिलाई : भिलाई के वैशाली नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई 24 वर्षीय कल्पना सिंह राजपूत का शव बेमेतरा जिले के जुनवानी गांव में मिला है. जहां एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका बेटा घर में शव छोड़कर फरार हो गया है. इस मामले में पुलिस फरार युवक की पतासाजी में जुट गई है.

कल्पना के परिजनों ने शव की शिनाख्त तो कर ली है लेकिन पुलिस मौत के कारण का खुलासा अभी तक नही कर पाई है. कालेज छात्रा कल्पना राजपूत की मौत का मामला बेमेतरा, भिलाई और बिलासपुर के मस्तूरी थाना पुलिस के बीच उलझ गया है.
मिली जानकारी के अनुसार कल्पना एमए फाइनल ईयर की छात्रा थी जो 24 जनवरी को घर से कपड़ा सिलाई करने जा रही हूं की बात कह कर निकली थी, उसके बाद लौटी ही नहीं. परिजनों ने कल्पना से लापता के दिन संपर्क करने के लिए लगातार कॉल कर रहे थे लेकिन मोबाइल जब बंद आया तो घर वालों ने गुमशुदगी की शिकायत वैशाली नगर थाने में दर्ज कराई थी.
कल्पना के घर होली के अगले दिन उनके पास वैशाली नगर थाने से दो सिपाही आए. उन्होंने एक फोटो दिखाया जो कि कल्पना की थी. इसके बाद सिपाहियों ने उन्हें मारो थाना जाने कहा था. जब वो लोग मारो थाना पहुंचे तो वहां से बेमेतरा थाना भेज दिया गया. बेमेतरा जाने पर पुलिस वालों ने शव की पहचान कराई तो वो कल्पना राजपूत की निकली. पुलिस ने परिजनों को बताया कि उन्हें ये शव कंबल में लिपटा हुआ जुनवानी में मिला है.
एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका बेटा अदालत धुर्वे अपने घर में शव छोड़कर फरार हो गया है. बेमेतरा में कल्पना के शव का 10 मार्च को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया था. जहां डॉक्टरों ने शव को पीएम करने से मना कर दिया और कहा कि इसका पीएम पहले ही किया जा चुका है. उसके बाद डॉक्टर्स ने कहा कि अब इसे फॉरेंसिक एक्सपर्ट के पास रायपुर भेजना चाहिए. इसी दौरान मस्तूरी थाने से सूचना मिली की उस लड़की का पीएम मस्तूरी के अस्पताल में हुआ है.
बेमेतरा जुनवानी निवासी अदालत धुर्वे की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई की उसका बेटा घर में किसी का शव रखकर चला गया और उसके बाद से वह फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. मस्तूरी पुलिस से सूचना मिली है कि अदालत धुर्वे ने खुद को कल्पना का पति बताया था और पीएम करने के बाद शव उसी को सौंपा गया था.
अदालत धुर्वे ने मस्तूरी पुलिस को बताया था कि कल्पना को मिर्गी की शिकायत है और दोनो 8 मार्च को मस्तूरी के रिसदा गांव दवा लेने गए थे. रास्ते में अचानक कल्पना बेहोश होकर गिर गई. इसके बाद उसे मस्तूरी अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया फिर अदालत धुर्वे ने जुनवानी गांव पहुंचकर शव को अपने घर में रखा और फरार हो गया.
