रायपुर : छत्तीसगढ़ में धार्मिक पोस्टर जलाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेश के अन्य जिलों के बाद अब रायपुर में भी इस तरह का मामला सामने आया है. शुक्रवार को मामले का CCTV फुटेज वायरल होने के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया. राजधानी के गुढ़ियारी इलाके के कृष्णा नगर में कुछ अज्ञात लोगों ने भगवान शिव के पोस्टर को फाड़कर होलिका में डाल कर जला दिया था. इस घटना का लोग विरोध कर रहे थे. मामले में FIR दर्ज की गई है.

पोस्टर जलाने के आरोप में 5 नाबालिग समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. लोगों के आक्रोश को देखते हुए पूरे इलाके में फोर्स तैनात की गई है. धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. शहर में अलर्ट जारी किया गया है.
इस मामले को लेकर आक्रोशित महिलाएं, बच्चे और युवाओं ने जमकर नारेबाजी की. सूचना पर करीब दो हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई और सड़क पर चक्काजाम कर दिया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पथराव किया. इससे पुलिस जवानों को चोट लगी है. हालांकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में लाठियां लहराकर भीड़ को खदेड़ा.
सभी आरोपी गुढियारी निवासी
पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर रामनगर के 19 वर्षीय शाहिद खान, 18 वर्षीय मोहम्मद समीर और किशोर समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी गुढियारी निवासी हैं. आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के मामले में धारा 295 A के तहत केस दर्ज किया है. आरोपियों को आज कोर्ट पेश किया जाएगा.
ये था मामला
मामले में गुढ़ियारी T.I. अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि कृष्णा नगर के बिजली खंभे पर धार्मिक पोस्टर लगा हुआ था. 7 मार्च की रात 3.30 बजे कुछ असमाजिक युवकों और नाबालिग ने पोस्टर को फाड़कर होलिका में जला दिया था. इसके बाद विवाद में तूल पकड़ लिया. पुलिस ने घटना स्थल के आस-पास लगे CCTV कैमरों के फुटेजों को खंलागा.
CCTV फुटेज के अवलोकन में पाया गया कि 8 और 9 मार्च की दरम्यानी रात कुछ अज्ञात लड़के अंधेरे का फायदा उठाकर लगे धार्मिक फ्लैक्स को फाड़कर जल रही होलिका में डालकर जला दिए थे. पुलिस ने फुटेज में दिख रहे लड़कों को चिन्हित कर उनकी पतासाजी करते हुए घटना में संलिप्त 2 आरोपी एवं विधि के साथ संघर्षरत 5 बालक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध थाना गुढ़ियारी में धारा 295(क), 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है.
