बालोद- बालोद क्षेत्र में ग्राम झलमला में गंगा मया मंदिर के पास अरवा राइस मिल रहवासियो और ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है. मिल से निकलने वाले काले धुएं व भूसा के घरों में भरने से ग्रामवासी परेशान हैं. ग्राम झलमला में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के अवैध रूप से संचालित अरवा मिल को बंद करने की मांग को लेकर सोमवार को सैकड़ो ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उक्त अरवा मिल को तत्काल बंद नहीं किया गया तो चक्काजाम करने की चेतावनी प्रशासन को दिया हैं. वही ग्रामीणो के इस विरोध के बाद खाद्य विभाग के भी बड़ी लापरवाही सामने आया है, क्योंकि बिना पंचायत के अनापत्ति के लाइसेंस की प्रक्रिया भी पूरी नहीं होती ऐसे में बिना लाइसेंस राइस मिल का संचालन खाद्य विभाग के सांठगांठ की भी पोल खोल रही है.
ज्ञापन में बताया कि अरवा राइस मिल के मालिक अजय जेन बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के संचालित कर रहेें हैं. जिसके कारण आस-पास वृहद आवासीय क्षेत्र है जिससे धुल एवं ध्वनि प्रदुषण में आस पास के रहवासी बेहद परेशान है. एवं गंगा मैया मंदिर परिसर में प्रदुषण फैल रहा है व दर्शनार्थी प्रदुषण से भी परेशान हो रहे हैं और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़गा. मिल को बंद करने की मांग लंबे समय से चली आ रही लोगों की मांग पर अफसरों का केवल आश्वासन ही मिल रहा है. आज तक प्रदूषण फैलाने वाले अरवा मिल पर शासन प्रशासन ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है जिसके चलते मिलर के हौसले बुलंद है. वही प्रदूषण का खामियाजा जनता को अपने स्वास्थ्य व जमीन को खराब कर भुगतना पड़ रहा है. राइस मिल के संचालक द्वारा शासन के नियमों को दरकिनार कर मिल संचालित किया जा रहा हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि यहां शासन के नाक के नीचे शासकीय नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए तत्काल इस मिल को बंद कराने की मांग किया हैं, यदि उक्त मिल को प्रशासन जल्द ही कार्यवाही नहीं करने पर ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम करने की चेतावनी दिया हैं. इस दौरान ग्राम समिति अध्यक्ष प्रभु पटेल, उपाध्यक्ष कुंती पटेल, गिरधर पटेल, आदित्य दुबे, छन्नूराम, हरकुराम, नारायण, युवराज पटेल, बीरेंद्र पटेल, लालचंद सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष शामिल रहे.
