मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, धारा 163 लागू
नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. ‘ज्ञानेश गो बैक’ के नारे लगाते हुए जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई की. इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कांग्रेस और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे. पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया गया.
अशोक रोड पर रोके गए प्रदर्शनकारी, इंटरनेट सेवा भी बंद
प्रदर्शनकारियों ने अशोक रोड से जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया. सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के हवाले से इलाके में रात 9 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. पूरे नई दिल्ली जिले में भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
धारा 163 लागू
दिल्ली पुलिस के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू है. इसके तहत बिना पूर्व अनुमति के जनसभा, जुलूस या प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है.
छात्र संगठनों का आह्वान और SIR का विरोध
यह प्रदर्शन मुख्य रूप से छात्र संगठनों AISA, SFI और DYFI द्वारा आयोजित किया गया था. छात्र संगठन चुनाव आयोग की भूमिका और हाल ही में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
