ओबीसी समीकरण और ‘नारी शक्ति’ पर दांव
रायपुर- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय संगठन में पीढ़ी परिवर्तन की लहर के बीच छत्तीसगढ़ को बड़ी पहचान मिली है. भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने महासमुंद से सांसद और किसान परिवार की बहू रूपकुमारी चौधरी को पार्टी के ‘महिला मोर्चा’ का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. वे निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन का स्थान लेंगी. छत्तीसगढ़ से पहली बार किसी महिला नेत्री को राष्ट्रीय स्तर पर इतने महत्वपूर्ण अग्रिम संगठन की कमान सौंपी गई है. वही सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक महस्के को अमित मालवीय की जगह राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है.
ओबीसी वर्ग और महिला राजनीति को साधने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रूपकुमारी चौधरी की इस नियुक्ति के जरिए पार्टी ने एक साथ कई राजनीतिक समीकरण साधे हैं. रूपकुमारी चौधरी राज्य में एक सशक्त अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) चेहरे के रूप में जानी जाती हैं. पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाकर छत्तीसगढ़ और देश भर में ओबीसी मतदाताओं को साधने की कोशिश की है. बसना विधानसभा सीट से टिकट न मिलने के बावजूद उन्होंने पार्टी के लिए लगातार निष्ठापूर्वक काम किया. हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने महासमुंद सीट से ऐतिहासिक और बड़ी जीत दर्ज की थी. केंद्र सरकार के महिला केंद्रित विजन और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के दौर में उन्हें यह जिम्मेदारी देकर भाजपा ने महिला कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश दिया है.
संगठन में बढ़ा कद
पिछली राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राज्य से सरोज पांडे और लता उसेंडी उपाध्यक्ष जैसे पदों पर तैनात थीं. इस बार केंद्रीय नेतृत्व ने नए चेहरों को मौका देते हुए रूपकुमारी चौधरी पर बड़ा दांव खेला है.
रूपकुमारी चौधरी का राजनीतिक सफर
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की मूल निवासी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रमुख महिला नेताओं में शुमार रूपकुमारी चौधरी का राजनीतिक करियर स्थानीय पंचायती राज से शुरू होकर आज केंद्र के शीर्ष महिला संगठन तक पहुँचा है. वे महासमुंद जिले में जिला पंचायत सदस्य और बाद में भाजपा की जिला अध्यक्ष के रूप में संगठन में सक्रिय रहीं.
प्रथम बार विधायक (2013-2018): वर्ष 2013 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें महासमुंद जिले की बसना विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया. उन्होंने जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा में कदम रखा.
संगठन में सक्रियता और निष्ठा: 2023 के विधानसभा चुनाव में बसना से टिकट न मिलने के बावजूद उन्होंने पार्टी संगठन के लिए निष्ठापूर्वक काम किया. वे संगठन में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का एक बड़ा और प्रमुख चेहरा बनकर उभरीं.
महासमुंद से सांसद (2024): 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें महासमुंद संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतारा. उन्होंने बड़े अंतर से विजय हासिल कर 18वीं लोकसभा में बतौर सांसद प्रवेश किया.
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष: पार्टी नेतृत्व ने उनकी जनप्रियता, ओबीसी वर्ग में मजबूत पकड़ और सांगठनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें वानती श्रीनिवासन की जगह भाजपा महिला मोर्चा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है.



