खैर लकड़ी की अवैध तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, फर्जी इनवॉयस देने वाले 2 फर्म संचालक गिरफ्तार
महासमुंद- खैर लकड़ी की अवैध तस्करी करने वाले संगठित गिरोह पर महासमुंद पुलिस ने तकनीकी विवेचना से उड़ीसा से हिमाचल प्रदेश तक फैले एक अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है. मामले में मुख्य आरोपी और सरगना मनीष अग्रवाल को फर्जी (फेक) इनवॉयस मुहैया कराने वाले दो आरोपी फर्म संचालकों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
120 करोड़ का काला कारोबार और 8 शेल कंपनियां
महासमुंद पुलिस की जांच में सामने आया कि सरगना मनीष अग्रवाल के सिंडीकेट ने पिछले दो वर्षों में उड़ीसा से लेकर हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की अवैध तस्करी की है. इस अवैध कारोबार को वैध रूप देने के लिए फर्जी तरीके से कुल 8 शेल (फर्जी) कंपनियों का इस्तेमाल कर नकली इनवॉयस और दस्तावेज तैयार किए जाते थे. काली कमाई के पैसों के लेनदेन, भुगतान और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए 10 से अधिक म्यूल (किराए के) बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था.
पुलिस ने बीते 7 सितंबर को गिरोह के सरगना मनीष अग्रवाल के ठिकाने पर छापेमारी कर 81 लाख की नकद राशि बरामद कर जब्त की थी. पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आई जानकारियों से यह मामला महज खैर लकड़ी के अवैध परिवहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय और संगठित नेटवर्क के रूप में सामने आया। महासमुंद पुलिस, वन विभाग और वित्तीय जांच एजेंसियों के आपसी समन्वय से इस संगठित अपराध सिंडीकेट द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को कुर्क और राजसात करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
- पारितोष मिश्रा, पिता सुरेंद्र मिश्रा, उम्र 47 वर्ष.
पुलिस के अनुसार आरोपी पीयूष इंटरप्राइजेज का संचालक है. वर्तमान पता- क्र. 4, प्लॉट नंबर 373, रफाजाल, सालेभाटा, बोलांगीर, जिला बोलांगीर, ओडिशा.
- अखिलेश सिंघल, पिता स्व. चंद्रप्रकाश सिंघल, उम्र 52 वर्ष.
पुलिस के अनुसार आरोपी सिंघल इंटरप्राइजेज, संबलपुर का संचालक है. निवासी- फार्म रोड, दिल्ली शॉ मिल के पास, बड़ा बाजार, दुर्गा मंदिर के पास, संबलपुर, थाना संबलपुर, जिला संबलपुर, ओडिशा.
