प्रेम संबंध के चलते पति-पत्नी ने रची हत्या की साजिश

सक्ती- जिला सक्ती के ग्राम जोंगरा में 26 जून 2026 को हुई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 4 दिनों के भीतर सुलझा लिया है. यह पूरा मामला त्रिकोणीय प्रेम संबंध और सुपारी किलिंग का निकला, जिसमें मृतिका के प्रेमी और उसकी पत्नी ने मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची थी. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए छत्तीसगढ़ सहित झारखंड और महाराष्ट्र (पुणे) में घेराबंदी कर कुल 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
क्या था मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 जून 2026 को सूचना प्राप्त हुआ कि ग्राम जोंगरा निवासी पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम को 02 अज्ञात नकाबापोश व्यक्तियों द्वारा पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर मोटरसायकल से फरार हो गये है. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के लगातार दिशा निर्देश, पुलिस अधीक्षक, प्रफुल्ल ठाकुर (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं एसडीओपी सक्ती डाॅ भुवनेश्वरी पैंकरा के पर्यवेक्षण में तत्काल पुलिस टीम गठित किया गया टीम लगातार 04 दिनों तक अज्ञात आरोपियों के पतासाजी में जुटी रही. पतासाजी के दौरान मृतिका के परिजनों एवं अनेक संदेहियों से पूछताछ किया गया, साथ ही आरोपियों के पतासाजी हेतु तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुये मोबाईल टावर डंप एवं काॅल डिटेल का बारिकी से विश्लेषण किया गया तथा सीसीटीव्ही फूटेज खंगाले गये.
प्रकरण में विवेचना दौरान ज्ञात हुआ कि मृतिका पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम का मुरलीशंकर चौहान निवासी देल्लारी जिला रायगढ़ के साथ प्रेम संबंध थे और इस बात से गौरीशंकर एवं पत्नी चम्पा चौहान के बीच लगातार अनबन एवं लड़ाई झगड़ा होता था. संदेह के आधार पर चम्पा चौहान से पूछताछ किया गया जो शुरूवात में बार-बार अपना ब्यान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगी, जिसे हिकमतअमली से पूछताछ करने पर बताई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम और उसके पति मुरलीशंकर चौहान एक साथ आयुर्वेदिक दवाई प्रचार व बिक्री का काम करते थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया था. चम्पा चौहान को उसके पति और पूर्णिम चौहान के प्रेम संबंध होने की जानकारी होने पर अपने पति मुरलीशंकर चौहान और पूर्णिमा चौहान को बार-बार समझाईश दी थी. चम्पा चौहान समझाईश पर उसका पति मुरलीशंकर चौहान मान गया और पूर्णिमा चौहान से दूरी बना लिया था किंतु पूर्णिमा चौहान नही मान रही थी और मुरलीशंकर चौहान को लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी. जिससे परेशान होकर मुरलीशंकर चौहान और चम्पा चौहान ने पूर्णिमा चौहान को जान से मारकर रास्ते से हटाने का योजना बनाये.
4 लाख में तय हुआ सौदा, 2 लाख एडवांस
घटना को अंजाम देने के लिए दोनों झारखंड में गोली कांड कर वापस आये राजेन्द्र महंत को संपर्क किया तथा पूर्णिमा को जान से मारने का 04 लाख रूपये में सुपारी दिये और सुनील महंत एवं गौरीशंकर सिदार द्वारा घटना कारित करने के बाद पैसा देने का सौदा तय हुआ था. सौदे के तय रकम में से चम्पा चौहान द्वारा घटना के पश्चात् 02 लाख रूपये को राजेंद्र महंत व उसके साथ आये 02 अन्य साथी को दिया गया है.
पुणे और जमशेदपुर से दबोचे गए आरोपी
प्रकरण में आरोपी राजेन्द्र महंत, गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत का मोबाईल लोकेशन लेने पर राजेन्द्र महंत जमशेदपुर (झारखण्ड) होना तथा गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत का लोकेशन पूणे (महाराष्ट्र) होना पाया गया. जिस पर तत्काल गठित टीम को झारखण्ड एवं महाराष्ट्र रवाना किया और राजेन्द्र महंत जमशेदरपुर (झारखण्ड) से तथा गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत को पूणे (महाराष्ट्र) से घेराबंदी कर पकड़ा गया, जिन्हे हिरासत में लेकर जिला सक्ती आये जिनसे पूछताछ करने पर बताये कि चम्पा चौहान एवं उसके पति मुरलीशंकर चौहान से पूर्णिमा महंत की हत्या करने का 04 लाख रूपये में सुपारी लिये थे.
इसके बाद राजेन्द्र महंत अपने अन्य साथी गौरीशंकर सिदार, राकेश महंत, वेद प्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल, चंद्रशेखर महंत एवं सुनिल महंत एक दुसरे के सहयोग कर पूर्णिमा चौहान की हत्या करने का योजना बनाये तथा घटना को अंजाम देने का दिन 26.06.2026 तय किये और सौदे के रकम को एक-दुसरे में बटवारा करने की बात किये.
योजनानुसार 26.06.2026 को पूर्णिमा चौहान को गोली मारने के लिए ग्राम जांेगरा सुनील महंत और गौरीशंकर सिदार दोनों मो.सा. से गये, गौरीशंकर सिदार ने पिस्तौल से पूर्णिमा चौहान को गोली मारा इसकेे बाद सुमित गबेल द्वारा घटना को अंजाम देने और वहां से भागनेे के लिए दिये गये मो.सा. से फरार हो गयेे. घटना कारित करने के बाद राकेश महंत ने गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत को दिगर राज्य फरार होने में सहयोग किया तथा चम्पा चौहान से सौदे के तय रकम में से 02 लाख रूपये को राजेंद्र महंत अपने साथी वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू तथा चंद्रशेखर महंत के साथ ग्राम देल्लारी जाकर लिये.
प्रकरण में आरोपी सुमित गबेल, राकेश महंत, चंद्रचंद्रशेखर महंत एवं वेदप्रकाश उर्फ सोनू को दबिस देकर उनके सकुनत से पकड़ा गया जिनके द्वारा भी पूछताछ पर अपराध घटित करना स्वीकार किये. घटना में प्रयुक्त पिस्तौल को आरोपी राजेंद्र महंत के कब्जे से, सुमित गबेल के कब्जे से मो.सा., आरोपिया चम्पा चौहान के कब्जे से मोबाईल व सौदे का रकम निकलने में प्रयुक्त बैंकपास बुक, मुरलीशंकर चौहान के कब्जे से मोबाईल जप्त किया गया है. इसी प्रकार सुनील महंत, गौरीशंकर सिदार, राकेश महंत, चंद्रशेखर महंत एवं वेदप्रकाश महंत के कब्जे से मोबाईल एवं बटवारे में हिस्से में आये रकम में से बचा हुआ नगदी रकम को जप्त किया गया है. प्रकरण के आरोपीगण के विरूद्ध अपराध धारा सदर का घटित करने का पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश जा रहा है.
जप्त समाग्री का विवरण
आरोपी राजेन्द्र महंत से पिस्तौल एवं 04 नग जिंदा राउण्ड, नगदी 52000रूपये जप्त.
आरोपी गौरीशंकर से मोबाईल व नगदी 6000 रूपये जप्त.
आरोपिया चम्पा चौहान से बैंक पासबुक एवं 01 नग मोबाईल जप्त.
आरोपी मुरलीशंकर चौहान से मोबाईल जप्त.
आरोपी सुमित गबेल से टीव्हीएस मोटरसायकल, मोबाईल व नगदी 2000 रू. नगदी.
आरोपी वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू से मो.सा., मोबाईल व नगदी 4000 रूपये.
आरोपी सुनील महंत से 4000 रूपये नगदी जप्त.
आरोपी चंद्रशेखर दास महंत से मोबाईल एवं 3500 रूपये नगदी जप्त.
आरोपी राकेश महंत से मोबाईल जप्त.
घटनास्थल से पिस्तौल का 03 नग खाली खोखा.
गिरफ्तार आरोपी
- चम्पा चौहान पति मुरलीशंकर चौहान उम्र 40 वर्ष ग्राम देल्लारी थाना पूंजीपथरा थाना रायगढ़ (छ.ग.)
- मुरलीशंकर चौहान पिता भाकूलाल चौहान उम्र 43 वर्ष ग्राम देल्लारी थाना पूंजीपथरा थाना रायगढ़ (छ.ग.)
- सुनील महंत पिता मदन महंत उम्र 19 वर्ष साकिन मालखरौदा, जिला सक्ती छ.ग..
- गौरीशंकर सिदार पिता नंद सिदार उम्र 21 वर्ष साकिन बकेली थाना खरसिया जिला रायगढ़ (छ.ग.)
- राकेश महंत पिता निर्मलदास महंत उम्र 22 साल साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती (छ.ग.)
- वेद प्रकाश महंत उर्फ सोनू पिता कन्हैया दास उम्र 23 साल साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती.
- राजेन्द्र महंत पिता निर्मलदास महंत उम्र 25 साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती (छ.ग.)
- सुमित गबेल पिता मनोहर लाल गबेल उम्र 26 साल साकिन बकेली थाना खरसिया जिला रायगढ़ (छ.ग.)
- चंद्रशेखर महंत पिता परदेशी दास महंत उम्र 19 साल साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती (छ.ग.)
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक लखन लाल पटेल, कमल किशोर महतो, अमित सिंह, उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, भुपेन्द्र चंद्रा, अनवर अली, जी.एस राजपूत, स.उ.नि. जे.के. वर्मा, नीलमणी कुसुम, चित्रांगद चंद्रा, सुरेश पाठक प्रधान आरक्षक शब्बीर मेमन, प्रेेम सिदार, तेज कुमार गबेल, आरक्षक फारूख खान, गोपाल साहू, एलेक्सियूस मिंज कमलेश लहरे, पवन साण्डे, कमलकिशोर सिदार, दीपक साहू, जितेन्द्र कंवर, भागवत श्रीवास, यादराम चंद्रा, प्रमोद खाखा, बृजमोहन नेताम, दीपक बंजारे श्याम गबेल, महासिंह सिदार महिला आरक्षक अनिता कंवर, सुलेखा कश्यप, सुमित्रा बंजारे, धरमिन सिदार एवं समस्त थाना स्टाप का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
