रायपुर : विधानसभा से एक किलोमीटर दूर ज्ञान गंगा स्कूल से चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण किया जाना है. जिसके लिए इस मार्ग पर पड़ने वाले ग्राम नरदहा और पचेड़ा में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को तोड़ा जा रहा है. इस कार्रवाई में ग्रामीणों ने भेदभाव का आरोप लगाया है.
आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कच्ची दीवाल, शेड बनाकर व्यवसाय करने वालों के दुकानों को तोड़ दिया गया वहीं बिल्डिंगों को छोड़ दिया गया है. जबकि सड़क किनारे अनेक बिल्डिंग भी सड़क चौड़ीकरण के लिए निर्धारित सीमा के अंदर हैं. ऐसे में इन बिल्डिंगों को भी तोड़ना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा. बेजा कब्जा हटाने में भेदभाव करने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बिना भेदभाव के सभी अवैध कब्जों को तोड़ना चाहिए, चाहे वह कच्ची निर्माण हो या पक्की.
बिल्डिंग को तोड़ने का आदेश नहीं
ग्रामीणों के अनुसार तोड़ू दस्ता के कर्मचारियों से जब पूछा गया कि अवैध कब्जा कर बनाए गए बिल्डिंग को क्यों छोड़ा जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ शेड और कच्चे मकानों को ही तोड़ने का आदेश मिला है. बिल्डिंग को बाद में तोड़ा जाएगा, जिसके लिए अभी आदेश नहीं आया है. आदेश आने के बाद बिल्डिंग को भी तोड़ा जाएगा.
बढ़ गया है ट्रैफिक का दबाव
कौशल्या मंदिर जाने के लिए यह एक अच्छा रास्ता है जिसके कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है. बड़ी संख्या में लोग मां कौशल्या का दर्शन करने चंदखुरी जाते हैं. वहीं छुट्टी के दिन या किसी पर्व में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है, जिसके चलते ऐसे मौकों पर मार्ग पर भीड़ बढ़ जाती है. जानकारी के अनुसार नई सड़क 40 मीटर की बनाई जाएगी. बीच में डिवाइडर भी बनाया जाएगा. इससे आने-जाने में काफी राहत मिलेगी.
मुआवजे की मांग
पीड़ित ग्रामीणों ने शासन से मुआवजा की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि तोड़फोड़ होने से उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है. शासन को चाहिए कि प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा दें ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके. वहीं कुछ ग्रामीणों ने कहा कि विधायक एवं नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डा. शिव डहरिया से मुलाकात कर शासन से मुआवजा दिलाने की मांग करेंगे.
