रायपुर : अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में होने वाले भंडारे में भांचा राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ राइस मिल एसोसिएशन 300 मैट्रिक टन उच्च क्वालिटी का चांवल ट्रकों के माध्यम से रायपुर से अयोध्या के लिए रवाना करेगा. इन ट्रकों को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 28 दिसंबर को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.
दरअसल माता कौशल्या का मायका पुरातन कौसल प्रदेश वर्तमान छत्तीसगढ़ में ही था और चंद्रखुरी उनकी जन्म स्थल थी. बाल्मीकि रामायण के अनुसार जब अयोध्या में युवराज दशरथ का अभिषेक होने जा रहा था तब उस अवसर पर कौसल नरेश भानुमंत को भी आमंत्रित किया गया था.
भानुमंत इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए अपनी पुत्री भानुमति के साथ आए. युवराज दशरथ को राजकुमारी भानुमति बहुत पसंद आईं. उन्होंने भानुमति से विवाह की इच्छा जाहिर की. तदुपरांत कौसल की राजकुमारी, दशरथ की रानी बन अयोध्या आ गईं. विवाह के बाद कौसल की राजदुहिता होने के कारण उन्हें कौशल्या नाम से पुकारा जाने लगा, जो आगे चलकर प्रभु श्री राम की माता बनीं. इसी वजह से छत्तीसगढ़ी संस्कृति में आज भी भांचा को भगवान की तरह पूजा जाता है.
