दुर्ग : भाजपा पार्षद के परिजनों की कथित पिटाई के फलस्वरूप आम आदमी पार्टी के नेता के बेटे के मौत पर मुआवजा की मांग कर रहे मृतक के परिजनों ने रविवार को विधायक अरुण वोरा के पद्मनाभपुर आवास का घेराव किया. करीब घंटेभर घेराव के दौरान मृतक सूरज की पत्नी ज्योति साहू बेहोश हो गई. उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
इधर विधायक अरुण वोरा से चर्चा के बाद मुआवजे की बात तीसरे दिन भी नहीं बन पाई. लिहाजा नाराज परिवार के लोग वापस हिन्दी भवन के पास आकर धरने पर बैठ गए. ईलाज के बाद शाम 4 बजे मृतक की पत्नी की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई.
आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया कोआर्डिनेटर मानिकचंद के बेटे सूरज की गुरुवार की सुबह भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गई थी. मामले में आरोप है कि भाजपा की महिला पार्षद के परिजनों ने किसी कारणवश सूरज की लाठी डंडों से पिटाई कर दी थी. सूरज को जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां से शंकराचार्य अस्पताल रेफर किया गया. इलाज के दौरान गुरुवार को सूरज की मौत हो गई थी.
इधर परिवार वालों की मांग के अनुरूप मुआवजा और अन्य विषयों पर प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं किए जाने से मृतक सूरज का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है. परिवार के लोगों ने मुआवजा व अन्य मांगों पर फैसला हुए बिना शव नहीं लेने और न ही पोस्टमार्टम कराने का ऐलान कर रखा है. आप नेताओं ने बताया कि परिवार ने मांग पर फैसले के बिना शव नहीं लेने को लेकर प्रशासन को पत्र भी सौंप दिया है.
आप नेताओं ने बताया कि विधायक अरुण वोरा ने भी मुआवजा व दूसरे मांगों को खुद के अधिकार क्षेत्र का नहीं होने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पर टाल दिया. इस पर उनके सामने ही परिवार के लोगों ने नाराजगी भी जताई. एक दिन पहले ही परिजन इसी तरह मंत्री ताम्रध्वज साहू के निवास भी पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने भी सीएम पर मुआवजे की बात टाल दी थी.
इसके बाद से सूरज का परिवार और आम आदमी पार्टी के नेता सड़क पर हैं. सूरज के परिजनों की मांग है कि भिलाई में इसी तरह हुए हत्याकांड में दिए गए मुआवजे की तर्ज पर सूरज के परिवार को भी 50 लाख मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और बच्चों की पढाई की व्यवस्था कराई जाए.
घंटेभर इंतजार के बाद पहुंचे विधायक
इधर आम आदमी पार्टी के नेताओं की अगुवाई में सूरज के परिजन विधायक निवास पद्मनाभपुर पहुंचे. आप नेताओं ने घेराव की सूचना पुलिस को पहले ही दे दी थी. लिहाजा पुलिस की तैनाती भी कर दी गई थी. घेराव के लिए जब परिजन पहुंचे तो विधायक घर पर नहीं थे. बताया जाता है कि वे करीब एक घंटे बाद निवास पहुंचे. इसके बाद उन्होंने धरने पर बैठे आप नेताओं से बातचीत की.
