दुर्ग : शहर में जीई रोड के बाद सर्वाधिक आवाजाही स्टेशन रोड पर ही होती है इंदिरा मार्केट और शहर का पूरा व्यापारिक प्रतिष्ठान इसी मार्ग के आसपास है, लिहाजा इस मार्ग पर आवाजाही लोगों की मजबूरी है, लेकिन पीडब्ल्यूडी और नगर निगम नो ही इस मार्ग को लेकर गंभीर नहीं है. बारिश के कारण मार्ग का डामरीकरण उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गया है. यह स्थिति महीनेभर से है, लेकिन इस पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया. लिहाजा अब गड्ढे बड़े और खतरनाक हो गए हैं. इंदिरा मार्केट इलाके में गड्ढों के कारण दुर्घटना रोज की बात हो गई है.
इसी तरह गंजपारा से नयापारा रोड, गौरव पथ, पोटिया क्षेत्र की अंदरूनी सड़कों, औद्योगिन क्षेत्र व पटरीपार में भी कई वार्डों में बारिस से पहले डामरीकरण कराया गया है. इन सड़कों पर भी ठेकेदारों ने फायनल कोटिंग नहीं किया है. इससे इन सड़कों की भी स्थिति खराब है. गौरव पथ में आधे अधूरे डामरीकरण के कारण लोग परेशान हैं.
मुख्य सड़कों की अलावा शहर के अंदर कालोनियों की सड़कों की हालत भी बेहद खराब है. बोरसी के महामृत्युंजय मंदिर इलाके की सड़कों की सालों से मरम्मत नहीं कराई गई है. इससे यहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. प्रदीप्ति नगर इलाके में भी यहीं स्थिति है. गया नगर रोड में भी कई गड्ढे हो गए हैं. पटरीपारा के लोगों ने भी गड्ढों की शिकायत दर्जकराई है.
भाजपाइयों के विरोध के बाद दिया ध्यान
स्टेशन रोड पर गड्डों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर इनमें से कुछ गड्ढों को पाटा था. इधर तीन चार दिनों की लगातार बारिश ने स्थिति और खराब कर दी. लिहाजा अब खानापूर्ति कर इन गड्डों को बजरी से पाटा जा रहा है.
बारिश से ठीक पहले शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग पोलसाय पारा से चंडी मंदिर मार्ग का डामरीकरण कराया गया. इस सड़क पर भी ठेकेदार ने फायनल कोटिंग नहीं की. इस सड़क से भी अब बजरी उखड़ने लगी है. खास बात यह है कि कई सालों बाद इस सड़क पर डामरीकरण कराया गया. इससे पहले भी डामरीकरण में इसी तरह की शिकायत थी.
दोबारा डामरीकरण के बाद भी उखड़ी सड़क
पिछले सीजन में पटेल चौक से तहसील कार्यालय प्रशासनिक भवन मार्ग, भाजपा कार्यालय, शनिचरी बाजार से लेकर वर्धमान धर्मशाला तक डामरीकरण कराया गया था. बारिश से पहले शनिचरी बाजार से गंजपारा तक फिर से डामरीकरण कराया गया. इस सड़क की भी अभी से बजरी बाहर आने लगी है. इससे दिक्कत बढ़ी है.
