अंबिकापुर : शासकीय स्कूलों के अंशकालीन सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के तपस्या स्थित निवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारी उपमुख्यमंत्री से बात कराने की मांग पर अड़े हुए थे. आखिरकार एसडीएम पूजा बंसल के मौके पर पहुंचने और 27 सितंबर 2023 को सिंहदेव के अंबिकापुर आगमन पर चर्चा करने की जानकारी दी. एसडीएम के आश्वासन पर सफाई कर्मचारी शांत हुए.
इसके पहले भी अंशकालीन सफाई कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री के निवास का घेराव किया था. इस बार पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण सफाई कर्मचारी सिंहदेव के निवास के बाहर मुख्य प्रवेश द्वार के नजदीक तक पहुंच गए थे.
संभाग भर के सफाई कर्मचारी शुक्रवार को अंबिकापुर पहुंचे थे. कलाकेंद्र मैदान में एकत्रित होने के बाद सभी अंशकालीन सफाई कर्मचारियों ने राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए रैली निकाली. रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के खरसिया रोड स्थित निवास के लिए रवाना हुआ.
पुलिस ने खरसिया रोड से सिंहदेव के निवास तपस्या जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी थी लेकिन पुलिस बल की संख्या कम थी. रैली में शामिल लोगों में से अधिकांश ने इस रास्ते के बजाय पहले कच्चे रास्ते से होते हुए उपमुख्यमंत्री के घर के बाहर पहुंच गए. इधर प्रदर्शनकारियों को रोकने पहुंची पुलिस बल के बैरिकेडिंग स्थल से दूर चले जाने से शेष प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को ध्वस्त कर आगे बढ़ गए.
सिंहदेव के निवास के मुख्य गेट से पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सभी अंशकालीन सफाई कर्मचारियों को रोक लिया. यहां प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की. अंशकालीन सफाई कर्मचारियों का कहना था कि वे सरकारी स्कूलों में कई वर्षों से कार्यरत हैं. स्कूलों में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक केवल दो घण्टे का काम लिया जाता है. दोपहर 12 बजे के बाद खाली रहते हैं. हमें और कोई दूसरा काम नहीं मिलने के कारण दिन भर की मजदूरी दर से वंचित रह जाते हैं. काम के एवज में 2500 रुपये से 2800 रुपये दिया जाता है जो कि इस महंगाई भरे दौर में इतने कम रुपये में अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पाते हैं कर्ज के सहारे अपना जीवन व्यतित करने को मजबूर रहते हैं. संघ की मांगो को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन रैली ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन को अवगत कराते रहें हैं शासन प्रशासन के आश्वासन से ही जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं.
राज्य सरकार ने दिया धोखा
अंशकालीन सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने उनसे धोखाधड़ी की है. झूठा आश्वासन देकर उनका वोट ले लिया गया और अब मांग पूरी नहीं की जा रही है. 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस पार्टी के द्वारा संघ की मांग पूर्णकालीन कलेक्टर दर करते हुये नियमितीकरण करने का वादा लिखित एवं मौखिक रूप से दिया था परन्तु आज कांग्रेस की सरकार को पांच वर्ष बीतने जा रही है लेकिन मांग पूरी नहीं की जा रही है.
आज पर्यन्त तक मांगे पूरी नहीं होने पर शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है. मांगो को लेकर 22 सितम्बर 2023 को उप मुख्यमंत्री के निवास का घेराव किया जा रहा है तथा 27-28 सितम्बर से प्रदेश भर की स्कूल सफाई कर्मचारी संकल्प यात्रा करते हुये दो अक्टूबर को राजधानी पहुंचकर वादा खिलाफी के विरोध में आंदोलन करेंगे.
अंबिकापुर आएंगे तो चर्चा करेंगे उपमुख्यमंत्री
अंशकालीन सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री से चर्चा कराने की मांग को लेकर अड़े हुए थे. उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव शहर से बाहर हैं. ऐसे में एसडीएम पूजा बंसल प्रदर्शनकारियों से चर्चा के लिए पहुंची. उन्होंने अंशकालीन सफाई कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से बातचीत हुई है. वे 27 सितंबर को अंबिकापुर आएंगे. उसी दौरान अंशकालीन सफाई कर्मचारियों से मांगों को लेकर चर्चा कराने आश्वासन दिया तब जाकर आंदोलनकारी शांत हुए.
