राहुल गांधी को मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि मामले में गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने राहुल गांधी की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है. हाईकोर्ट का कहना है कि ट्रायल कोर्ट का दोषी ठहराने का आदेश उचित है, उक्त आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए आवेदन खारिज किया जाता है. कोर्ट ने आगे कहा कि राहुल के खिलाफ कम से कम 10 आपराधिक मामले लंबित हैं. इस मामले में अब राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं.

बता दें कि राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में सूरत कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें 2 साल की सजा सुनाई गई थी. वहीं इस मामले में उनकी सांसद सदस्यता भी जा चुकी है.
ये है मामला
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले 13 अप्रैल को राहुल गांधी ने ‘मोदी सरनेम’ पर बयान दिया था. गुजरात में बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी की ओर से दायर 2019 मामले में सूरत की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई थी.
जिसके बाद 24 मार्च को राहुल की सांसद सदस्यता रद्द हो गई. 25 मार्च को राहुल गांधी ने माफी मांगने से इनकार कर दिया. 27 मार्च को सरकारी बंगला छोड़ने का नोटिस मिला. 22 अप्रैल को राहुल गांधी ने बंगला खाली कर दिया. सूरत सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ राहुल ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, मगर राहत नहीं मिली. इसके बाद हाईकोर्ट से अपने फैसले पर पुर्नविचार करने की अपील की गई.
