आदिवासी मातृशक्ति संगठन के तत्वाधान में दशहरा मैदान रिसाली में बैठक आहूत की गई. भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों के अधिकारों पर मुख्य चर्चा रही. राजेंद्र परघनिया ने कहा ठेका श्रमिकों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं भिलाई इस्पात संयंत्र में लगातार ठेका श्रमिकों के ऊपर अन्याय अत्याचार शोषण बढ़ते जा रहा है.

चंद्रभान सिंह ठाकुर ने कहा भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों की स्थिति प्रवासी मजदूरों जैसी हो गई है कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलनी चाहिए. कलादास ने कहा भिलाई इस्पात संयंत्र मे कार्यरत ठेका श्रमिकों के आवाजों को दबाया जाता है आवाज उठाने वाले ठेका श्रमिकों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है. भिलाई इस्पात संयंत्र केंद्र का उपक्रम है तो केंद्र के दर के अनुसार मानदेय मिले.
सुरेंद्र मोहंती ने कहा ठेका श्रमिकों को भी यूनियन चुनाव में भागीदारी मिलनी चाहिए. सेक्टर 9 अस्पताल में ठेका श्रमिकों का भी उपचार निशुल्क होना चाहिए. डालिया ढाले ने कहा भिलाई इस्पात संयंत्र में स्थानीय लोगों को नौकरी में लेनी चाहिए भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के बच्चों को भटकना पड़ रहा है दूसरे राज्यों में नौकरी करनी जानी पड़ रही है. ठेकेदारी में भी बाहर के ठेका श्रमिक लाए जा रहे हैं जिस पर रोक लगना चाहिए.
