शिक्षा बच्चों को भविष्य गढ़ने का ज्ञान देती है – महापौर सफीरा साहू

शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में पहली कक्षा के छात्रों को दिया गया जाति प्रमाण पत्र
जगदलपुर- जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि शिक्षा से व्यक्ति अपने भविष्य को बेहतर कर सकता है. शिक्षा एक चमत्कार है जो सभी चीजों को सीखने में मदद करता है. उन्होंने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव में ग्रीष्मकालीन अवकाश के उपरांत स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा शिक्षा के प्रति बच्चों में जागरूकता के लिए सरकार ने प्रवेशोत्सव मनाने का निर्णय लिया. सरकार ने लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए योजनाओ का क्रियान्वयन किया, इसमें बच्चों को गणवेश, पाठ्यपुस्तक, सायकल का वितरण, मध्यान्ह भोजन और नवप्रवेशीय बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी करना हैं. उन्होंने पालकों को बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई. श्री जैन ने कविता के माध्यम से शिक्षा के लिए सबको जागरूक किया ’’ना छुटे इस बार शिक्षा है सबका अधिकार, हिन्दु, मुश्लिम, सीख-ईसाई सब मिलकर करें पढ़ाई’’. जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को पीजी काॅलेज ग्राउण्ड में किया गया.
इस अवसर पर महापौर सफीरा साहू ने कहा कि शिक्षा बच्चों को भविष्य गढ़ने का ज्ञान देती है. विद्यार्थी देश के भविष्य को बेहतर करने में अपना योगदान देंगे. इस शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जाति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया जो बच्चों के भविष्य के लाभ दायक होगा. उन्होंने कहा कि बस्तर बदल रहा है, जगदलपुर भी बदल रहा है हमने गढ़बो नवा जगदलपुर के लिए प्रयास किया है. बस्तर के बच्चों की शिक्षा स्तर में वृद्धि हुई, इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ-साथ शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.
इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि हमारे जीवन का यादगार पलों में से एक यह भी है कि दो माह की छुट्टी के बाद स्कूलों में शिक्षा हेतु पुनः प्रवेश करना. सरकार सभी वर्ग के लिए शिक्षा व्यवस्था की है, अंग्रेजी में पढ़ाई हेतु विशेष कर कमजोर वर्ग के बच्चों और दूरस्त क्षेत्र के बच्चों के लिए सरकार ने आत्मानंद स्कूल इंग्लिश मीडियम योजना का संचालन किया है, यह सराहनीय प्रयास है. आत्मानंद स्कूल में भर्ती के लिए बच्चों और पालकों में रूचि बढ़ी है यही योजना के सफल होने का संकेत है. उन्होंने उपस्थित सभी विद्यार्थियों को शाला प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं दी. नगर निगम सभापति कविता साहू ने कहा कि बस्तर के बच्चे पढ़ें और बस्तर विकास में सहभागी बने.
इस अवसर पर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बताया कि शासन-प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा व्यवस्था पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके लिए जिले में संचालित समस्त शासकीय 2341 शालाओं में विद्यालयीन व्यवस्थाओं को सुदृढीकरण किया गया है. छात्रों को मिलने वाली सभी निशुल्क सुविधाएं जैसे गणवेश, पाठ्यपुस्तक, मध्यान्ह भोजन, सरस्वती सायकल योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है. वर्तमान मे मुख्यमंत्री शाला जतन योजना के अन्तर्गत लगभग 1114 शालाओं हेतु राशि 70 करोड़ की राशि से जीर्णोद्वार एवं भवन उन्नयन का कार्य जारी है. इसी उपक्रम में समग्र शिक्षा द्वारा बीआईजीएस अन्तर्गत 94 शालाओं को भी मरम्मत कार्य कराया जा रहा है. इसके अतिरिक्त भी क्षेत्र की आवश्यकतानुरूप जिला प्रशासन द्वारा भी कार्य किये गये है.
शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर 50 नवप्रवेशित छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत् सायकल वितरण किया जा रहा है एवं जिले में कुल 5180 छात्राओं को सत्र 2023-24 में वितरण किया जाएगा. शाला प्रारंभ के साथ ही 120586 छात्रों को निःशुल्क गणवेश एवं 109594 छात्रों को पाठ्यपुस्तक वितरण किया जा रहा है. स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम में प्रयोगशाला, पुस्तकालय एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया गया है. ताकि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न न हो तथा पढाई के प्रति रूचि बनी रहे.
नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पूर्व प्राथमिक शिक्षा को शामिल करते हुए बालवाडी को जिले में प्रारंभ किया गया है जिसमें सत्र 2022-23 में 122 बालवाडियों का संचालन किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 855 बच्चे अध्ययनरत है साथ ही सत्र 2023-24 में जिले में 168 नई बालवाडियों का संचालन करने की स्वीकृति राज्य शासन से प्राप्त हुई है. जिनका संचालन आज से प्रारंभ किया जा रहा है, इस तरह जिले में कुल 290 बालवाडिया संचालित है. बालवाडी मुख्य रूप से प्ले स्कूल की अवधारणाओं पर आधारित है जिसमें बच्चे खेल-खेल में, समूह बनाकर, चित्रों के माध्यम से तथा उपलब्ध सामग्री के माध्यम से विभिन्न अवधारणाओं को सीख सकेंगे. जिले में इस वर्ष बहुभाषीय शिक्षण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पृथक से सर्वे कराया गया है. जिसके अनुरूप कार्ययोजना का निर्माण प्रारंभ कर जिला स्रोत समूह का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है. यह प्रयास फस्ट लेवल लर्निंग के उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायक होगा.
शिक्षा सत्र को और प्रभावी करने के लिए ज्ञानदीप के नाम से परियोजना संचालित किया जाना हैं जिसे विशेष कर दरभा,बास्तानार एवं लोहण्डीगुडा विकासखण्डों में संचालित किया जायेगा जहाँ विकासखण्ड के चयनित विद्यालयों में विशेष पुस्तकालय स्थापित किये जायेगें एवं मुस्कान पुस्तकालय को प्रभावी बनाते हुए बच्चों की भाषायी दक्षता एवं गणितीय दक्षता को पुरस्कृत किया जायेगा. शाला त्यागी बच्चों की संख्या को निरंक करने हेतु भी जिला स्तर पर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं. इस हेतु सभी बच्चों का चिन्हांकन एवं उनकी आयु अनुरूप उन्हें पुनः प्रवेश की प्रक्रिया की जा रही हैं.
शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर सांकेतिक रूप से कक्षा पहली के 05, 6वीं के 05 एवं कक्षा 9वीं के 05 विद्यार्थियों को तिलक लगाकर, पुष्प हार और मिठाई खिलाकर नव प्रवेशी बच्चों का स्वागत करते हुए गणवेश और पाठ्यपुस्तक का वितरण किया गया. कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा कक्षा पहली में नवप्रवेशी 9 बच्चों को सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र(जाति प्रमाण पत्र)का वितरण भी किए. प्रशासन द्वारा इस वर्ष शाला प्रवेश उत्सव के साथ-साथ ही कक्षा पहली में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों को शासन की मंशानुरूप जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने हेतु एक माह का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करना प्रस्तावित है. साथ ही 50 नवप्रवेशित छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत् सायकल वितरण किया गया.
इस अवसर पर अक्षय ऊर्जा प्राधिकरण के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष जिशांन कुरैशी, पार्षद सुनिता सिंग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान सहित शिक्षा एवं अन्य विभाग के अधिकारी और नवप्रवेशी स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
