रायपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर के नए चीफ जस्टिस का शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में किया गया. राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने न्यायाधिपति रमेश सिन्हा को राजभवन के दरबार हॉल में उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई. इसके पूर्व रमेश सिन्हा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे. राज्यपाल श्री हरिचंदन ने मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति सौंपी. राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा को पुष्पगुच्छ भेंटकर शुभकामनाएं दीं.

इस अवसर पर कृषि एवं संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा भी उपस्थित थे.
समारोह में मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा की धर्मपत्नी शालिनी सिन्हा सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे. शपथ ग्रहण समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन द्वारा किया गया तथा उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया.

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव द्वय रेणु जी पिल्ले एवं सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा, उच्च न्यायालय बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल अरविंद वर्मा सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि श्री सिन्हा छत्तीसगढ़ के 15 वें मुख्य न्यायाधीश होंगे.
बिलासपुर हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेने वाले रमेश सिन्हा ने साल 1990 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी की है. जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में वकालत शुरू की. करीब 21 साल की वकालत के दौरान उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिविल और आपराधिक केस की पैरवी करते हुए अपनी पहचान बनाई.
साल 2011 में उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के पद पर नियुक्त कर दिया गया. साल 2013 में स्थायी जज नियुक्त होने के बाद से वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में पदस्थ थे. 19 फरवरी को कॉलेजियम ने उनके अलावा जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नामित करते हुए अनुशंसा की थी.
