कोरबा : कोरबा में बांगो पुलिस थाना के एएसआई नरेंद्र सिंह परिहार की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझ गई है. इस सिलसिले में कौनकोना गांव के करण गिरी को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले की जांच पड़ताल के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हुई थीं. टेक्निकल टीम को मिले इनपुट के आधार पर आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी ने एएसआई की हत्या करने की बात स्वीकार की.

9 मार्च की रात बांगो थाना परिसर में पुलिस बैरक में यह घटना हुई थी. सुबह से दोपहर तक इस परिसर में पुलिस कर्मियों ने होली मनाई थी और उसके बाद रात्रि में ड्यूटी की. देर रात को यहां एएसआई नरेंद्र सिंह परिहार की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई. अगली सुबह थाना प्रभारी और अन्य कर्मियों को इस बारे में जानकारी हुई जिसके बाद कई स्तर पर जांच पड़ताल का काम शुरू किया गया. पुलिस की कई टीमें जांच में लाई गई थी. इस सिलसिले में पास के गांव कौनकौना में रहने वाले करण गिरी को गिरफ्तार किया गया है.
दरअसल 8 मार्च को वह मोहल्ले में डीजे बजाकर होली त्योहार मना रहा था, तब थाना से मृतक नरेन्द्र सिंह परिहार आकर रात 09:30 बजे डीजे बंद कराकर डीजे को थाना ले गए थे तथा दूसरे दिन 9 मार्च को रात 09:30 बजे तक पुलिस वाले खुद डीजे बजाकर होली मना रहे थे, जिसमें परिहार साहब भी शामिल थे जिसे देखकर वह आक्रोशित हो गया और उसने हत्या करने का मन बना लिया. शराब जब्ती के मामले में पहले ही वह 15 दिन जेल में रह चुका था.
रात में सूनसान पाकर उसने कुल्हाड़ी से नरेन्द्र सिंह परिहार की हत्या कर दी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक से भाग निकला. नजदीक से बहने वाली नहर में उसने हाथ पैर धोए और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को फेंक दिया. ये सभी साक्ष्य बरामद किए गए है. पुलिस ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर के प्रकरण में कई प्रकार की चुनौतियां होती हैं. इस मामले में करण गिरी बार-बार बयान बदल रहा था. फिर भी हमारे पास जो प्रमाण हाथ लगे, उन्होंने करण को सच स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया.
प्रकरण में थाना बांगो में अपराध क्रमांक 46 / 2023 धारा 458, 302 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी करण गिरी को पुलिस के द्वारा जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है. इसके अलावा दिवंगत एएसआई के परिजनों को क्षतिपूर्ति के अलावा एक आश्रित को शासकीय प्रावधान के अंतर्गत अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया भी आगामी दिनों में की जाएगी.
