रायपुर : 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक मार्च से शुरू चुकी है. 2 मार्च से 10वीं की पहली परीक्षा होगी. आज से बोर्ड परीक्षा शुरू हो गया है, लेकिन इस बार बहुत से शिक्षक परीक्षा ड्यूटी करने के मूड में नहीं थे. वहीं परीक्षा के दौरान आकस्मिक अवकाश भी मुश्किल से मिलेगा. लिहाजा शिक्षकों को मन मानकर ड्यूटी करनी पड़ रही है.
छुट्टी को लेकर सरकारी और निजी दोनों स्कूलों का हाल एक जैसा है. शिक्षकों को प्राचार्यों ने परीक्षा के दौरान छुट्टी नहीं लेने का मौखिक आदेश जारी कर दिए हैं. वहीं बहुत से शिक्षकों का आकस्मिक अवकाश बहुत कम बचा है. लिहाजा उनके पास 15 साल पुराने मानदेय पर ही पर्यवेक्षक की ड्यूटी करने का विकल्प बचा है.
2013 से हर साल पर्यवेक्षक सहित समस्त दायित्वों के लिए परिश्रमिक बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन वर्तमान मंहगाई को देखते हुए में परिश्रमिक संशोधन को लेकर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है. 12 साल पहले बोर्ड परीक्षा कक्ष पर्यवेक्षण कार्य का परिश्रमिक बढ़ाकर 40 रुपये किया गया.
उस समय पेट्रोल का रेट करीब 50 से 55 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन वर्तमान में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुके हैं. अभी भी परिश्रमिक पर्यवेक्षण कार्य के लिए 40 रुपये ही मिल रहे हैं. माध्यमिक शिक्षा मंडल के इस अड़ियल रवैये के कारण इस साल शिक्षक बोर्ड की परीक्षा ड्यूटी करने के मूड में नहीं हैं.
बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुए परीक्षा केंद्र प्रभारी का पारिश्रमिक 220 रुपये सहायक केंद्र प्रभारी 180 रुपये कक्ष पर्यवेक्षक 100 रुपये, लिपिक 60 रुपये, गार्ड 50 रुपये करने की मांग की जा रही है. शिक्षकों ने बताया कि साल 2010 में पैट्रोल का रेट 50 से 55 रुपये लीटर तब मानदेय 40 रुपये थी. अब पेट्रोल 100 के पार हो गया. 13 साल बाद भी मानदेय जस का तस है.
