सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उद्धव गुट की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी हो गया है. जिसमें शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न शिंदे गुट को दिए जाने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने कहा कि वह कल यानी बुधवार दोपहर 3.30 बजे इस मामले पर सुनवाई करेगा.

ठाकरे गुट की पैरवी कर रहे वकील कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के सामने मंगलवार को इस मामले का जिक्र किया. सिब्बल ने कहा, “अगर निर्वाचन आयोग के आदेश पर रोक नहीं लगाई जाती है, तो वे चिह्न और बैंक खाते अपने कब्जे में ले लेंगे. कृपया इसे संविधान पीठ के समक्ष कल के लिए सूचीबद्ध कीजिए.”
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि उसे मामले की फाइल पढ़ने की जरूरत है और उसने मामले की सुनवाई को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया. निर्वाचन आयोग ने शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शुक्रवार को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी और उसे दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित अविभाजित शिवसेना का ‘तीर-कमान’ चुनाव चिह्न आवंटित करने का आदेश दिया था.
‘सुप्रीम कोर्ट हमारी आखिरी उम्मीद’
इससे पहले इस विवाद को लेकर उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग ने उनके साथ न्याय नहीं किया. उन्होंने कहा था कि ‘उनसे उनका सबकुछ चुरा लिया गया. पार्टी का नाम, पार्टी का चुनाव चिन्ह सब चुरा लिया गया. ठाकरे ने कहा था कि वह लोग ठाकरे नाम नहीं चुरा सकते. हम चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और मामले की सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ही हमारी आखिरी उम्मीद है.’
