रिसाली : पीवी रमन द्वारा झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर सफाई ठेका लेने का आरोप सही पाया गया. रिसाली महापौर शशि सिन्हा की अध्यक्षता वाली परिषद ने सफाई ठेका अंततः निरस्त कर दिया. उक्त निर्णय आयुक्त आशीष देवांगन द्वारा गठित जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया.

रिसाली निगम के सफाई ठेका पर सामान्य सभा में गहमा गहमी होने के बाद मंगलवार को महापौर परिषद के सदस्यों ने मामले का पटाक्षेप कर दिया. जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट हुआ कि सफाई ठेका लेने ठेकेदार पी.वी. रमन ने अपने शपथ पत्र में इस बात का उल्लेख नहीं किया है कि उसका नाम धमतरी निगम ने काली सूची में शामिल किया है. महापौर परिषद के सदस्यों ने इसे गंभीर आरोप मानते हुए ठेका ही निरस्त कर दिया.
महापौर परिषद की बैठक में महापौर शशि सिन्हा, सभापति केशव बंछोर, परिषद के सदस्य चन्द्रभान सिंह ठाकुर, गोविन्द चतुर्वेदी, अनुप डे, चन्द्रप्रकाश सिंह निगम, सोनिया देवांगन, सनीर साहू, ईश्वरी साहू, परमेश्वर कुमार, आयुक्त आशीष देवांगन व विभाग प्रमुख उपस्थित थे.
होगा एफआईआर
झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत करने के मामले को महापौर परिषद के सद्स्यों ने गंभीर माना. परिषद के सद्स्यों ने कहा कि ठेकेदार ने निगम प्रशासन को गुमराह कर ठेका हासिल किया है. जानकारी छिपाने और झूठा शपथ पत्र देने के मामले में अपराध दर्ज कराया जाए.
वार्डो में सी.सी.टी.वी.
अब वार्ड पार्षद अपने निधि का उपयोग वार्ड की सुरक्षा के लिए भी कर सकतें हैं. पार्षद अपनी निधि से अपने वार्ड में सीसीटीवी लगवा सकते है. इस कार्य की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है. पाइप लाइन से रसोई गैस सप्लाई करने की कार्य योजना को अंततः महापौर परिषद के सदस्यों ने हरी झंडी दे दी है.
उक्त कार्य रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित कर पूर्ण कराया जाएगा. इस कार्य का आरंभ करने से पहले एजेंसी को समस्त प्रकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र लाकर निगम में पहले प्रस्तुत करना होगा. साथ ही गैस तैयार करने निगम के गोबर खरीदी केन्द्र से निर्धारित दर पर गोबर खरीदना अनिवार्य होगा.
