बैकुंठपुर : MCB जिले के मनेंद्रगढ़ वन मंडल के केल्हारी वन परीक्षेत्र अंतर्गत 2 दिनों से एक बाघ विचरण कर रहा है. इस बार शुक्रवार की शाम नदी में मछली मारने गए एक ग्रामीण युवक को मार डाला, जबकि दूसरा ग्रामीण जान बचाकर भाग निकला.
शनिवार की सुबह गांव के लोग जब नदी किनारे पहुंचे तो बाघ वहीं मौजूद था, ग्रामीणों ने शोर मचा कर बाघ को भगाया. सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, टीम द्वारा कुछ देर में वन परीक्षेत्र अंतर्गत सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा. ग्रामीण की मौत से उसके परिजनों में जहां मातम पसर गया है, वही क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. क्षेत्र में बाघ द्वारा किसी ग्रामीण को मारे जाने की यह पहली घटना है. इससे पहले हाथी, तेंदुए व भालू के हमले में ही ग्रामीणों की मौत होती रही है.
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लोग तेंदुए के आतंक के बाद अब बाघ के आतंक से थर्रा उठे हैं. पिछले 2 महीने में जहां तेंदुए ने तीन लोगों को मार डाला था, वही बाघ द्वारा एक ग्रामीण युवक का शिकार कर लिया गया. दरअसल केल्हारी वन परीक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कछोड़ के गुंडरू पारा निवासी बुद्धू अगरिया पिता चेतू अगरिया 32 वर्ष गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के साथ शुक्रवार की शाम हुंडरू नदी में मछली मारने गया था.
दोनों सौ से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर मछली मार रहे थे. मछली मार कर लौटने के दौरान बुद्धू को वहां पहुंचे एक बाघ ने मार डाला. यह देख दूसरा ग्रामीण मौके से जान बचाकर भाग निकला, फिर उसने गांव वालों को इसकी सूचना दी शुक्रवार की शाम अंधेरा हो जाने के कारण ग्रामीण भय से क्षेत्र में नहीं पहुंचे, वही वन विभाग की टीम भी नहीं गई. शनिवार की सुबह ग्रामीण गुंडरू नदी के किनारे पहुंचे तो बाघ आसपास ही विचरण कर रहा था. इसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचा कर बाघ को खदेड़ा. मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम द्वारा ग्रामीण के शव को बरामद कर पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया गया. बाघ ने ग्रामीण के कमर के नीचे का हिस्सा भी खा लिया है.
नदी किनारे मिले बाघ के पंजों के निशान
वन विभाग की टीम द्वारा अब से कुछ देर में केल्हारी वन परीक्षेत्र में भ्रमण कर सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा. नदी के आसपास पूर्व में भी बाघ को विचरण करते देखा गया था. जिस बाघ ने ग्रामीण का शिकार किया है उसके पंजों के निशान नदी के बालू में मिले हैं.
