अधिकारियों पर 16.85 लाख की वसूली व कार्रवाई के आदेश
भिलाई – नगर पालिक निगम भिलाई की परियोजना शाखा में पेवर ब्लॉक बिछाने के नाम पर हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है. दुर्ग सांसद विजय बघेल की शिकायत पर कलेक्टर अभिजीत सिंह के आदेशानुसार लोक निर्माण विभाग (PWD) और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) की संयुक्त टीम द्वारा की गई जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जांच दल द्वारा कुल 29 अनुबंधों की जांच की गई, जिनमें से 21 अनुबंधों में भारी अनियमितताएं पाई गईं. मौके पर नाप के दौरान पेवर ब्लॉक की मात्रा कम मिली, जबकि मेजरमेंट बुक (MB) में अधिक मात्रा दर्शाकर ठेकेदारों को अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया.
16.85 लाख से अधिक का फर्जीवाड़ा आया सामने
जांच रिपोर्ट के अनुसार, माप पुस्तिका में गलत प्रविष्टि कर संबंधित एजेंसियों को 16,85,457 (सोलह लाख पचासी हजार चार सौ सत्तावन रुपये) का अधिक भुगतान किया गया है. कलेक्टर दुर्ग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए भिलाई निगम आयुक्त को पत्र जारी कर दोषी अभियंताओं व कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और अधिक भुगतान की राशि तत्काल वसूलने का निर्देश दिया है.

रिकवरी माफी नहीं, दोषी 8 इंजीनियर हों बर्खास्त
नगर पालिक निगम भिलाई में हुए पेवर ब्लॉक भ्रष्टाचार मामले में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों से सिर्फ रिकवरी (राशि वसूली) कर लेना कोई माफी नहीं हो सकती, बल्कि इन सभी को तत्काल नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए. विधायक ने जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए सभी 8 अभियंताओं को बर्खास्त करने के लिए राज्य सरकार को आधिकारिक पत्र भेजा है.
उन्होंने ऐलान किया है कि आगामी विधानसभा सत्र में इस बड़े भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर अधिकारियों की बर्खास्तगी की मांग की जाएगी. शहर सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि निगम प्रशासन भ्रष्टाचारियों को संरक्षण नहीं दे रहा है, तो तत्काल विशेष परिषद बैठक बुलाकर इनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजे. ऐसा न करने पर माना जाएगा कि यह भ्रष्टाचार शहर सरकार के इशारे पर हुआ है. भिलाई की जनता के सामने सच्चाई लाने के लिए शहरभर में इन सभी 8 दोषी इंजीनियरों के पोस्टर लगाए जाएंगे.

आरटीआई के माध्यम से मामले को उजागर करने वाले शिकायतकर्ता भाजपा पार्षद संतोष मौर्य ने दावा किया कि पेवर ब्लॉक में लगभग 3.85 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है. कई फाइलों को दबाने और गायब करने की कोशिश की गई, लेकिन वे पीछे नहीं हटे और आगे भी निष्पक्ष कार्रवाई के लिए लड़ाई जारी रखेंगे.

नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच लगभग 62 करोड़ के पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं. उन्होंने इस अवधि की सभी फाइलों की जांच कलेक्टर, कमिश्नर और ईओडब्ल्यू (EOW) से कराने तथा इसमें शामिल एजेंसियों व वरिष्ठ अधिकारियों (CE, SE, EE, AE, सब इंजीनियर) पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
| नाम | पद | रिकवरी की राशि | कहां पदस्थ |
| अर्पित बंजारे
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उप अभियंता
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10 लाख 13 हजार 463
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एजुकेशन लीव |
| श्वेता महेश्वर
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उप अभियंता
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2 लाख 37 हजार 938
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जोन 2 भिलाई नगर निगम |
| श्वेता वर्मा
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सहायक अभियंता
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32 हजार 16
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जोन- 2 भिलाई नगर निगम |
| रीमा जामुलकर
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उप अभियंता
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3 हजार 867
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जोन- 1 भिलाई नगर निगम |
| पुरुषोत्तम सिन्हा | उप अभियंता
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2 हजार 123
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जोन- 2 भिलाई नगर निगम |
| प्रभा लकडा
|
उप अभियंता
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68 हजार 344
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बिलासपुर |
| कृष्णा जंघेल
|
उप अभियंता
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2 लाख 34 हजार 418
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जोन- 3 भिलाई नगर निगम |
| चंदन निर्मलकर
|
उप अभियंता
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94 हजार 988
|
रिसाली नगर निगम |
