सिस्टम एरर की आड़ में की गई धोखाधड़ी

बीसी के रूप में काम करने वाले दोनों मुख्य आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े
महासमुंद- महासमुंद जिले से धोखाधड़ी और महाठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. शासकीय योजना और फ्री कुकर का लालच देकर महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन निकालने वाले एक बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पर्दे के पीछे से इस पूरे खेल को अंजाम देने वाले दो मुख्य बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (B.C.) को गिरफ्तार कर लिया है.
सिस्टम एरर’ का बहाना बनाकर ऐसे दिया ठगी को अंजाम
आरोपियों ने ठगी के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया. ग्राम पिरदा की भोली-भाली महिलाओं को फ्री कुकर और सरकारी योजना का प्रलोभन देकर इकट्ठा किया गया था. महिलाओं को गुमराह करने के लिए बायोमेट्रिक मशीन में ‘सिस्टम एरर’ का बहाना बनाया जाता था. एरर की आड़ में एक ही महिला का 3 से 4 बार फिंगरप्रिंट लिया गया और उनके मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को हासिल कर लिया गया. महिलाओं की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी लोन पास करा लिया गया.
बी.सी. आईडी (BC ID) का किया दुरुपयोग
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों मुख्य आरोपी (लक्ष्मीचन्द और मनोहर) महिलाओं से सीधे संपर्क में नहीं आते थे. उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर बैंक बी.सी. के रूप में अपनी आधिकारिक आईडी का दुरुपयोग किया. एजेंट सुदर्शन साहू द्वारा लाए गए फिंगरप्रिंट और डेटा का इस्तेमाल कर इन्होंने करोड़ों की राशि बैंक से आहरित कर ली और आपस में गबन कर लिया.
घोटाले का राज तब खुला, जब भारत फाइनेंस के रिकवरी कर्मचारी लोन की मासिक किस्तें मांगने के लिए अचानक ग्राम पिरदा पहुंच गए. जब कर्मचारियों ने महिलाओं से किस्तों के पैसे मांगे, तो गांव की महिलाएं यह सुनकर सन्न रह गईं, क्योंकि उन्होंने किसी लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया था. इसके बाद 1 अप्रैल 2025 को गांव की एक पीड़ित महिला रजनी देवांगन ने थाना बसना में मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जब इस शिकायत के आधार पर बैंक दस्तावेजों और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री को खंगाला, तो एक के बाद एक 138 महिलाओं के साथ हुई इस करोड़ों की ठगी की परतें खुलती चली गईं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक्शन लिया और पूर्व में ही मुख्य एजेंट सुदर्शन को गिरफ्तार कर लिया था. अब 1 जुलाई 2026 को महासमुंद पुलिस ने इस सिंडिकेट में पर्दे के पीछे रहकर बैंकिंग सिस्टम से खिलवाड़ करने वाले दो मुख्य बैंक बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय लक्ष्मीचंद देवांगन और 33 वर्षीय मनोहर जटवार के रूप में हुई है.
