30 लाख के नए स्वर्ग रथ पर घमासान: कांग्रेस नेता चुम्मन देशमुख ने उठाए सवाल, विधायक से निष्पक्ष जांच की मांग
भिलाई- रिसाली नगर निगम द्वारा सीएसआर मद से खरीदे गए करीब 30 लाख रुपए के नए स्वर्ग रथ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मामले में कांग्रेस नेता एवं पूर्व पार्षद चुम्मन देशमुख ने दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
चुम्मन देशमुख ने आरोप लगाया कि सीएसआर मद की राशि का उपयोग आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है, लेकिन जिस स्वर्ग रथ की खरीदी की गई है, उसकी उपयोगिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. उनका कहना है कि अंतिम यात्रा जैसे संवेदनशील कार्य के लिए खरीदे गए वाहन में सम्मानजनक व्यवस्था होनी चाहिए थी, जबकि इसके आकार और डिजाइन को लेकर आपत्तियां सामने आई हैं.

उन्होंने दावा किया कि वाहन में तकनीकी खामियां सामने आने के बाद उसे निगम मुख्यालय से हटाकर सुधार के लिए भेजा गया. ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि वाहन पूरी तरह मानक अनुरूप था तो उसमें संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी. उन्होंने आशंका जताई कि सीएसआर मद की राशि के उपयोग में अनियमितता हो सकती है और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.
उठाए गए 5 प्रमुख सवाल
चुम्मन देशमुख ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इन बिंदुओं पर जवाब मांगा है:-
- 30 लाख रुपए खर्च करने के बाद भी विवादित स्वर्ग रथ क्यों खरीदा गया?
- वाहन की तकनीकी जांच किस अधिकारी ने की?
- भुगतान से पहले गुणवत्ता परीक्षण हुआ था या नहीं?
- यदि वाहन में खामियां थीं तो भुगतान किस आधार पर किया गया?
- वाहन को मुख्यालय से हटाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि रिसाली की जनता इन सवालों के जवाब चाहती है और यदि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही विधायक ललित चंद्राकर से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि नगर निगम के पुराने स्वर्ग रथ में भी खरीद के समय इसी तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं. उस वाहन में शव रखने और संचालन संबंधी व्यावहारिक दिक्कतों की शिकायत मिलने के बाद संशोधन कर उसे उपयोग के योग्य बनाया गया था. ऐसे में सवाल यह है कि जब निगम प्रशासन के पास पहले से ऐसी खामियों का अनुभव मौजूद था, तब नए स्वर्ग रथ की खरीदी के दौरान वही गलती दोबारा कैसे दोहराई गई?
