देशी कट्टा और सोना-चांदी बरामद, फरार आरोपियों की तलाश जारी
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही– कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी की हत्या और सनसनीखेज लूटकांड के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. बिलासपुर रेंज और जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अनय फरार आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस ने अपराधियों के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और लूटे गए आभूषण भी बरामद कर लिए हैं.
जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 की शाम करीब 7 बजे कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार से ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी बाजार से लौटने की तैयारी में थे, तभी आरोपियों ने सोना-चांदी से भरे बैग को लूटने का प्रयास किया. विरोध करने पर आरोपियों ने अवैध हथियार से उन पर गोली चला दी. गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वारदात के बाद आरोपी जेवरात से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे.
ऐसे रची गई मौत और लूट की साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने भतीजे राजाराम साहू के साथ मिलकर बिहार-झारखंड के अपने परिचित राहुल नामक आरोपी से संपर्क किया था. आरोपियों ने सबसे पहले कोटमी के साप्ताहिक बाजार में आने वाले ज्वेलरी व्यापारियों की कई दिनों तक रेकी की. योजना के तहत 23 मई को सभी आरोपी बिटकुला में इकट्ठा हुए और वारदात की अंतिम रणनीति तैयार की. घटना वाले दिन वे देवरीखुर्द पहुंचे और सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के बाद उनकी बेरहमी से हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया.
गया प्रसाद के घर बंटे जेवर, टेकरी पर मिटाए सबूत
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे. यहाँ लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया. पुलिसिया कार्रवाई से बचने और सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने जेवरों की पैकिंग सामग्री को पास की एक टेकरी पर ले जाकर आग के हवाले कर दिया था. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य साजिशकर्ता खुशीराम साहू, राजाराम साहू और शरण देने वाले गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए जेवरात का हिस्सा और 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं.
इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका
इस अंधी हत्या और लूटकांड की गुत्थी को सुलझाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अविनाश मिश्रा, एसडीओपी मरवाही राजेश देवांगन, एसडीओपी पेण्ड्रा श्याम सिदार, सायबर सेल और एसीसीयू (ACCU) बिलासपुर सहित विभिन्न टीमों की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही.
