बिट्टू के जन्मदिन पर हुआ सुखद मिलाप

राजनीतिज्ञ तालाश रहे अलग-अलग मायने
क्या पकेगी कोई नई खिचड़ी?
कार्यकर्ताओं और लोगों में भारी उत्साह
भिलाई- छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस.सिंहदेव आज 18 जुलाई की दोपहर 1 बजे अचानक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पदुमनगर भिलाई- 3 स्थित निवास पहुंचे! उनके एकाएक बघेल निवास पहुंचने की इस घटना ने राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं के दौर को सरगर्म कर दिया. हालांकि आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के सुपुत्र चैतन्य बघेल (बिट्टू) का जन्मदिवस है इसलिए इसे सामान्य मुलाकात माना जा रहा है. लेकिन राजनीतिक पंडितों का कहना है कि चैतन्य बघेल के जन्मदिवस के बहाने कका और बाबा में कुछ अलग ही खिचड़ी पकी है! हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि बाबा यहां पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के यहां मातमपुर्सी के लिए उनके ग्राम गनियारी के लिए आए थे. लिहाजा अवसर को देखते हुए समीप ही स्थित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पहुंच गए.
चाहे यह भेंट सामान्य हो या सौजन्य लेकिन सभी इसके अपने-अपने मायने निकाल रहे हैं. यह स्मरणीय तथ्य है कि कुछ महीनों बाद यहां चुनावी बिगुल बजने वाला है. इसके साथ ही साथ पीसीसी में अध्यक्ष बनने को लेकर खींचतान है और फिर युवा कांग्रेस का चुनाव भी है. ऐसे में भूपेश बघेल से टी.एस.सिंहदेव का अचानक मिलना सचमुच में अनेक तरह के संकेत कर रहा है. आने वाला वक्त बताएगा कि कांग्रेस में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा.
चैतन्य बघेल के जन्मदिवस पर जश्न का माहौल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल का आज जन्मदिन है और उसे उत्साहपूर्वक मनाने के लिए कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं का रेला लगा हुआ है. सवेरे से कार्यकर्ता छोटी गाड़ियों से लेकर बड़ी-बड़ी गाड़ियों से भूपेश निवास में इतने तादाद में पहुंचने लगे कि रास्ता जाम हो गया. यातायात विभाग के लोगों को मोर्चा संभालना पड़ा. भूपेश बघेल का पूरा परिवार उत्साह से भरा हुआ था. क्या नेता, क्या अभिनेता और क्या कार्यकर्ता जिसे देखो वही बघेल परिवार को बधाई देने के लिए टूट रहा था कोई गुलदस्ता दे रहा था तो कोई माला पहना रहा था, कोई टीका लगा रहा था तो कोई मौली धागा पहना रहा था. पाटन का नव जवानों का समूह हमर कका जिंदा बाद के नारे लगाने से पीछे नहीं हट रहा था.

सायरन बजाते काफिले के साथ अचानक पहुंचे बाबा
ऐसे में गाजा बाजा बज ही रहा था, कि अचानक पूर्व उपमुख्यमंत्री की सायरन बजाते पूरे काफिले के साथ गाड़ी आती दिखी. ऐसे में सभी कार्यकर्ता सकते में आ गए. और कानाफुसी होने लगी कि अरे, अचानक बाबा कैसे पहुंच गए! यह सभी जानते हैं कि सत्ता में रहते भूपेश बघेल और टी.एस सिंहदेव के बीच तलवारें खिचीं रहीं. एक समय ऐसा आया जब टी.एस.सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा दिल्ली तक पहुंच गई. तब बहुत हंगामा खड़ा हुआ था लेकिन आज दोपहर भूपेश निवास में अलग ही नजारा था. भूपेश निवास पहुंचते ही सिंहदेव ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और सीधे भीतर चले गए. जहां उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात की और चैतन्य बघेल को जन्मदिन की बधाई दी. इसे बाबा का भूपेश परिवार के प्रति स्पेशल गिफ्ट माना जा रहा है क्योंकि यही इसी तिथि का पिछला बरस था जब अचानक भूपेश के घर ED पहुंची थी और जन्मदिन मनाते चैतन्य बघेल को उठा ले गई थी. तब जन्मदिन दु:खों के सागर में डूब गया था. चैतन्य बघेल 170 दिनों तक केंद्रीय जेल रायपुर में रहे थे. लेकिन 3 जनवरी 2026 का वह सुखद दिन जब भूपेश बघेल के पोते का जन्मदिन था उस दिन चैतन्य बघेल को रिहाई मिली थी. तब से लेकर आज तक यह परिवार लगातार केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल घबराए नहीं और डटकर आंधियों का सामना किया. मैदान में डटे रहे और छत्तीसगढ़ से लेकर देश के राजनीति में कांग्रेस का डंका बजाते रहे. छत्तीसगढ़ में उनका कोई मुकाबला नहीं रहा.
यही वजह है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के भूपेश निवास पहुंचने पर जबरदस्त स्वागत किया गया और टी.एस.सिंहदेव के साथ ही भूपेश बघेल के जिंदाबाद के नारे लगाए गए. यहां गर्मजोशी के साथ टी.एस.सिंहदेव ने भी चैतन्य बघेल को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की.

चर्चाओं का बाजार सरगर्म
कांग्रेस में संगठन की राजनीति को लेकर अनेक लोगों की नजरें लगी हुई हैं. खासकर पीसीसी अध्यक्ष के पद को लेकर अनेक लोगों की लार टपक रही है. जबकि भूपेश बघेल ही वो माटी पुत्र है जिन्होंने पिछली बार पीसीसी के अध्यक्ष के रूप में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार स्थापित करने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई थी. इस बार भी कार्यकर्ताओं की मांग भूपेश बघेल ही हैं. लेकिन विरोधियों को यह रास नहीं आ रहा है. ऐसे में आंतरिक द्वंद स्वाभिक है.
लेकिन टीएस बाबा ने भूपेश निवास पहुंचकर बहुत सी अटकलों पर विराम लगाया है तो कई अटकलें पैदा भी हो गई हैं. आम कार्यकर्ता इसे लेकर अपनी-अपनी बुद्धि लड़ा रहा है. सिंहदेव और भूपेश मिलन पर सोशल मीडिया पर आम जनता एवं कार्यकर्ताओं की टिप्पणियां भरी पड़ी है.
एक कार्यकर्ता श्रीकांत वर्मा ने अपने सोशल एकाउंट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के मिलन पर टिप्पाणी की है कि, “जय वीरू की जोड़ी, 2028 मे हिट होही”
इसी प्रकार एक यूजर काव्यक ने लिखा कि “ये बहुत जरूरी है नहीं तो मनमुटाव का फायदा भाजपा को कैसे उठाना है बहुत अच्छे से आता है” इस प्रकार देखें तो हर यूजर की अपनी-अपनी नजर है. लेकिन सबकी नजरों में रोचक यह है कि सभी ने इस मिलन का स्वागत किया है.
क्या गुल खिलाएगी जय-वीरू की जोड़ी
अब देखना यह होगा कि जिस तरीके से दोनों वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात हुई उससे क्या नवनीत निकलेगा. वैसे कयास तो ये लगाए जा रहे हैं कि दोनों का मिलन जिस सुखद तरीके से हुआ है. उससे लगता है कि बाबा फिर से कका के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी के हिमायती हैं. यदि दोनों की जोड़ी हिट हो जाती है तो 2028 में कांग्रेस और भाजपा की भिड़ंत और रोचक हो जाएगी. फायरब्रांड लीडर भूपेश बघेल की ओर आज भी हर किसी की निगाहें हैं.
