सरकारी खजाने को चपत, छत्तीसगढ़ में दो वरिष्ठ अफसर सस्पेंड
रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए आवास एवं पर्यावरण विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों संयुक्त संचालक सूर्यभान सिंह ठाकुर और उप संचालक कमला सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई राजनांदगांव नगर निगम क्षेत्र में स्थित सत्यम परिवेश (परिवेश आई.एन.सी.) कॉलोनी के अनुमोदन अभिन्यास में कथित हेरफेर के गंभीर मामले में की गई है. आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार कर ऐसे निर्णय लिए, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ.
दरअसल, इस पूरे प्रकरण को लेकर पहले ही दोनों अधिकारियों को “कारण बताओ” नोटिस जारी किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए संचालनालय ने 20 नवंबर 2025 को आदेश क्रमांक 3630 के तहत एक जांच समिति गठित की थी. समिति की जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों को प्रथम दृष्टया कदाचार का दोषी पाया गया.

जांच के आधार पर कमला सिंह (उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, राजनांदगांव) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है. इसी तरह सूर्यभान सिंह ठाकुर (संयुक्त संचालक, दुर्ग) को भी समान आरोपों में सस्पेंड किया गया है और उनका मुख्यालय भी नवा रायपुर तय किया गया है. दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, लेकिन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे.
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों ने कॉलोनी के अनुमोदन में अनुचित हस्तक्षेप कर न सिर्फ नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया. समिति ने इस मामले में सिविल सेवा आचार संहिता, 1965 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की थी.
