हाई कोर्ट ने कहा— जाति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार केवल SDO (राजस्व), कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर और उप-कलेक्टर को

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के जाति प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि तहसीलदार जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं.
न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने बिलासपुर निवासी शैली सोनकर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया.अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के प्रचलित नियमों और वर्ष 2013 के अधिनियम के अनुसार जाति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार केवल अनुविभागीय अधिकारी (SDO-राजस्व), कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर अथवा उप-कलेक्टर को प्राप्त है.
याचिकाकर्ता शैली सोनकर ने जाति प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की.सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि आवेदन सक्षम प्राधिकारी के बजाय तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, इसलिए उस पर निर्णय नहीं हो सका.
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केवल तहसीलदार के पास आवेदन लंबित रहने के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती.अदालत ने याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित SDO (राजस्व) के समक्ष नया आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है.साथ ही सक्षम अधिकारी को नियमानुसार आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश भी दिया है.
