दुर्ग जिले के समोदा गांव में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ है. जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने करीब 9.5 एकड़ जमीन में छिपाकर उगाई जा रही अफीम की खेती पकड़ी है. खेत को छिपाने के लिए चारों ओर बाउंड्री और गेट लगाए गए थे. वहीं सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे.ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खेत में मक्का, पपीता और केले की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे जिससे बाहर से देखने पर यह सामान्य खेती लगे.जानकारी के मुताबिक तीन दिन पहले ही अफीम के फल का एक कंटेनर बाहर भेजा गया था जिससे बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है.
वायरल फोटो से खुला राज
पूरे मामले का खुलासा बेहद दिलचस्प तरीके से हुआ. होली के दिन गांव के कुछ बच्चे नदी किनारे गए थे.इसी दौरान एक बच्चे ने खेत में लगे अफीम के फल की फोटो खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दी. गांव के सरपंच ने फोटो को गूगल पर मिलान किया तो पता चला कि यह अफीम का फल है.इसके बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई.
भाजपा नेता पर आरोप
ग्रामीणों का दावा है कि इस खेती को भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और उनके परिवार के लोग संचालित कर रहे थे. पुलिस ने संदेह के आधार पर विनायक ताम्रकार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.जांच में जमीन प्रीति बाला और मधुमति ताम्रकार के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है. वहीं खेती के लिए खंडवा और राजस्थान से मजदूर बुलाए गए थे.जिनमें से दो मजदूरों को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.
