छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का प्रदेशव्यापी भाजपा कार्यालय घेराव, PM is Compromised के लगे नारे
रायपुर- छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस द्वारा आज पूरे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों का घेराव किया गया. राजधानी रायपुर में यह विशाल आंदोलन प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में राजीव गांधी चौक से शुरू होकर भारतीय जनता पार्टी के रजबंधा स्थित कार्यालय की ओर बढ़ा.

सैकड़ों युवा कांग्रेस कार्यकर्ता “PM is Compromised” जैसे नारों के साथ कार्यालय की ओर आगे बढ़ रहे थे, लेकिन मार्ग में पुलिस प्रशासन ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया. इस दौरान पुलिस बल और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली. युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने केंद्र और राज्य सरकार के दबाव में उन्हें “अत्यधिक बल प्रयोग” से रोकने का प्रयास किया, जबकि वे सिर्फ़ शांतिपूर्ण तरीके से अपने सवाल भाजपा नेतृत्व तक पहुँचाने जा रहे थे. “PM is Compromised” यह सिर्फ़ एक नारा नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोज़गार युवाओं के बेचैन मन की पुकार है.

प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश का युवा हताश है, किसान संघर्ष कर रहा है और हर वर्ग में निराशा गहराती जा रही है. बेरोज़गारी चरम पर है, महंगाई काबू से बाहर है और सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर झूठे आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटका रही है. अमेरिका के साथ की जा रही डीलें पूरी तरह किसान-विरोधी हैं, जिनसे देश के कृषि हितों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व को बताना चाहिए कि आखिर वे कौन-सी मजबूरी है जिसके चलते देश हित को ताक पर रखकर एकतरफा समझौते किए जा रहे हैं. एप्स्टीन फाइल जैसे गंभीर मामलों पर चुप्पी क्यों साधी जा रही है? जनता को गुमराह करने के बजाय सरकार को सच बताना चाहिए.
आज युवा कांग्रेस सिर्फ़ विरोध नहीं कर रही, बल्कि राष्ट्र की उस आवाज़ को बुलंद कर रही है जिसे सत्ता लगातार दबाने की कोशिश कर रही है. हमारी लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा, युवाओं के अधिकारों और किसानों के भविष्य के लिए है और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक जनता को न्याय नहीं मिलता.
भाजपा से पूछा सवाल
क्या देश की छवि नेता विपक्ष को गोली मारने की बात करने पर खराब नहीं होती?
क्या देश की छवि चीनी रोबोट को लाकर उसे अपना नवाचार बताने पर ख़राब नहीं होती?
क्या देश की छवि अमेरिका के सामने झुककर एकतरफा ट्रेड डील करने पर खराब नहीं होती?
आपत्तियाँ और विरोध के प्रमुख मुद्दे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम एपस्टीन फाइल में आने पर सरकार द्वारा कोई स्पष्ट, पारदर्शी और ठोस जवाब न देना.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव में किसान-विरोधी डील साइन कर, देश के अन्नदाताओं के हितों को नुकसान पहुँचाना.
लोकतांत्रिक विरोध को “देशविरोध” का जामा पहनाकर जनता की आवाज़ को कुचलने का प्रयास.
प्रदर्शन में मुख्य रूप से शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष पप्पू बंजारे, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, प्रदेश महासचिव गुलज़ेब अहमद, भावेश शुक्ला, निखिलकांत साहू, नीरज घोड़े, आस मोहम्मद, मीडिया अध्यक्ष तुषार गुहा, जिला अध्यक्ष विनोद कश्यप, प्रशांत बोकाडे, प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा, प्रदेश सचिव अमिताभ घोष, अभिषेक कसार, मनोहरण वर्मा, वैभव पांडे, अपराजिता तिवारी, हेमंत पाल, वैभव मुंजावर, प्रशांत चंद्राकर आदि मौजूद थे.
