संचालक मंडल भी अवैध करार, उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद
राजनांदगांव- जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व चेयरमेन और कांग्रेस नेता नवाज खान ने मंगलवार को प्रेस वार्ता लेकर अपने उपर लगाए गए आरोप को पूरी तरह निराधार बताया. नवाज खान ने जिला सहकारी बैंक में कलेक्टर द्वारा सचिन बघेल को बगैर रजिस्ट्रार की अनुशंसा वह अनुमति के बिठाए जाने पर भी आपत्ति व्यक्त की और इसे अवैधानिक बताया.
बता दें कि गत दिनों बतौर प्रशासक के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद सचिन बघेल ने पूर्व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे जिसके जवाब नवाज़ खान ने प्रेस वार्ता कर बताया कि जिला सहकारी बैंक राजनांदगांव में 51 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की नियुक्ति बैंक संचालक मण्डल के द्वारा बैंक की मांग पर किया गया तथा उपरोक्त नियुक्ति 89 दिन के लिए बैंक के सुचारू संचालन सुरक्षा व्यवस्था हेतु भृत पद पर किया गया था. वर्ष 2020-21 तथा 2022-23 में जिसे अवैध नियुक्ति कहकर निकाल दिया गया जबकि इसके ठीक विपरित पूर्व भर्ती सरकार में 2011 से 2019 तक के कार्यकाल में इन्हीं लोगों के द्वारा 26 लोगों की नियम विपरित नियुक्ति की गई. जिसकी सूची उन्होंने पत्रकारों को भी उपलब्ध कराई है.
आवेदन मंगाए कर की गई भर्ती
नवाज ने कहा कि उनकी प्रशासकीय कार्यकाल में अधिकारियों द्वारा कहे जाने पर कि बैंक में भृत्य व चौकीदार के पद रिक्त हैं.इस दौरान कवर्धा क्षेत्र में भी चार बैंक खोले गए. इन स्थानों में पुरानी नोटशीट के द्वारा आवेदन मंगा कर भर्ती किया गया जो कि पहले से किया जाता रहा है. उन्होने बताया कि उनके कार्यकाल में मेढ़ा, तरेगांव, रेंगाखार एवं रवेली जिसमें कुल भृत्त की तत्काल आवश्यकता थी.उन पर आरोप लगाया गया 2020-21, 2022-2023 में लगे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों लगभग एक करोड़ रू. व्यय हुआ तो 2011 से 2019 तक लगे कर्मचारियों पर कितना व्यय हुआ नवाज ने उसकी भी जांच की मांग की है.
नवाज़ ने कहा की अध्यक्ष बनते ही भृत्त चौकीदार का रिक्त पद होने की जानकारी मिलने पर बैंक में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी रखे गए. पूर्व में 2011 से 2019 तक संचालक मण्डल तथा सीईओ सीधे भर्ती कर देते थे उसी प्रक्रिया का पालन किया गया कोई नई प्रक्रिया अपनाई नहीं गई. अतः 51 की नियुक्ति कैसे गलत है उन्हें काम से निकाला गया तो 2011 से 2019 तक गलत तरीके से काम पर लगाये गये दैनिक वेतनभोगी की आज तक कार्य पर कैसे रखा गया है. नवाज ने इसे दोहरा मापदंड बतायाऔर कहा कि आखिर इन 26 लोगों को किनका संरक्षण प्राप्त है इसमें लगभग तीन करोड़ का घोटाला है जिसकी भी वसूली की बात कही.
अवैध तरीके से हुई सचिन बघेल की नियुक्ति
नवाज खान ने जिला सहकारी बैंक में सचिन बघेल की नियुक्ति को अवैध तरीके से हुई बताते हुए कांग्रेसी नेता रमेश खंडेलवाल, गोवर्धन देशमुख, अंगेश्वर देशमुख,भावेश सिंह, नरेन्द्र वर्मा, अजय मारकंडे,संदीप सिंह गहरवार आदि की उपस्थिति में कहा कि पूर्व में जब सचिन बघेल अध्यक्ष थे उनके कार्यकाल में हुई अनियमितता के कारण उनके संचालक मण्डल को राज्य सरकार ने निलबित कर दिया था दिनांक 20/05/2021 को इसके विरुद्ध 78 (1) (ग) छ.ग. सह.सो.अधि. 1960 के अंतर्गत अपील प्रस्तुत किया गया था.
परंतु सचिन बघेल का कार्यकाल निबंलन अवधि के पश्चात मात्र 14 महीने बचा था जिस पर न्यायालय छत्तीसगढ़ राज्य सह. अधिकरण बिलासपुर (छ.ग.) ने 12/03/2024 को एक आदेश पारित किया. जो की कार्यकाल समाप्ति के लगभग 3 वर्ष पश्चात. जिसमें कही भी यह नहीं लिखा है कि आपका संचालक मण्डल पुनः स्थापित किया जाता है बल्कि उसमें क्रं. 22 पर उल्लेखित है कि आप अपनी बात सक्षम अधिकारी के पास प्रस्तुत करें. सक्षम अधिकारी का अभिप्राय पंजीयक इस पर पंजीयक महोदय को विचार कर आदेश देना था. पर किसी भी प्रकार के बिना पंजीयक के आदेश के सीधे प्रभार ले लिया गया जो पूरी तरह से अवैध है. नवाज ने कहा कि इस संचालक मण्डल को 1 महीने के भीतर भी जिला सहकारी बैंक में बैठने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी भी निर्वाचित जन प्रतिनिधी का निर्वाचन का एक समय अवधि होता है उपरोक्त 5 वर्ष की समयावधि के साथ किसी भी निर्णय का कोई प्रभाव नहीं रहता जिसकी यहां तो निर्णय में स्पष्ट रूप से सक्षम अधिकारी के पास जाने कहां गया है. किंन्तु बैंक में चार्ज लेने की जल्दी, पद लोलुपता की जल्दी व कुर्सी में बैठने की जल्दी के चक्कर में बिना पंजीयक के पास गए चार्ज ले लिया गया. उन्होंने कहा कि किन परिस्थितियों में कलेक्टर महोदय ने उन्हें प्रभार सौपा यह भी जांच का विषय है.
