राज्य में केवल हरित पटाखों का विक्रय एवं उपयोग किया जा सकेगा
मोहला – छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा दीपावली, छठ पूजा, गुरुपर्व तथा नयें वर्ष/क्रिसमस के अवसर पर पटाखों को फोड़ने के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया है. निर्धारित समय के अनुसार दिवाली की रात्रि 8:00 बजे से 10:00 बजे तक, छठ पूजा पर सुबह 6:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक, गुरु पर्व रात्रि पर 8:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक, एवं नया वर्ष व क्रिसमस की रात्रि पर 11:55 बजे से रात्रि 12:30 बजे तक पटाखा फोड़ने की अनुमति होगी. राज्य में केवल हरित पटखों का विक्रय एवं उपयोग सुनिश्चित किया जायेंगा. वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम के तहत रायपुर, बिलासपुर, भिलाई दुर्ग, रायगढ़ एवं कोरबा के नगरीय क्षेत्र में प्रति वर्ष 1 दिसंबर से 31 जनवरी तक की अवधि में पटाखों का जलाया जाना प्रतिबंधित किया गया है.
जारी आदेश के अनुसार कम प्रदूषण उत्पन्न करने वाले इंप्रूव्ड एवं हरित पटखों की बिक्री केवल लाइसेंस ट्रेडर्स द्वारा किया जा सकेगा. केवल उन्हीं पटाखों को उपयोग के लिए बाजार में बेचा जा सकेगा. जिसमें उत्पन्न ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर हो. सीरीज पटाखों अथवा लडिय़ों की बिक्री उपयोग एवं निर्माण प्रतिबंधित किया गया है. पटाखों का ऐसे निर्माता का लाइसेंस भी रद्द करने के निर्देश दियेें गयें हैं, जिनके द्वारा पटाखों में लिथियम, आर्सेनिक, एंटीमनी लेड एवं मर्करी का उपयोग किया गया है. ऑनलाइन अथवा ई व्यापारिक वेबसाइटों जैसे फ्लिपकार्ट, अमेजॉन आदि से पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित किया गया है. उल्लेखनीय है कि विशेष सचिव छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री महादेव कावरे द्वारा आदेश जारी कर किया गया है. जारी आदेशों के अनुसार पटाखों का बहुतायत में उपयोग होने से वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होती है. माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल प्रिंसिपल बैच, नई दिल्ली द्वारा पटाखों का उपयोग के संबंध में उल्लेखित आदेशों के माध्यम से जो मार्गदर्शीका जारी की गई है. इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दियें गयें हैं.
