रायपुर- राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के वित्त विभाग में राशि के गबन मामले में आरोपी कनिष्ठ लेखाधिकारी योगेंद्र पटेल को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने आरोपी को 3 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. पुलिस ने एम्स प्रबंधन से भी मूल दस्तावेज मांगे हैं. यह मामला आमानाका थाने की पुलिस ने एम्स के एक कर्मचारी की शिकायत पर शुक्रवार को फर्जी कूटरचित दस्तावेज, धोखाधड़ी और गबन समेत कई अन्य धारा के तहत अपराध दर्ज कर योगेंद्र पटेल को गिरफ्तार किया था. एम्स में 27,89,400 रुपये गठन का मामला सामने आया है. प्रबंधन की ओर से एम्स स्थापना से लेकर अब तक के रिकार्ड को खंगाले जा रहे हैं.
अधिकारियों और कर्मचारियों से होगी पूछताछ
एम्स प्रबंधन की ओर से मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठित किया गया था. टीम के समक्ष बयान में योगेंद्र पटेल ने कहा था कि वित्त एवं लेखा विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जानी चाहिए. उन्होंने ही हस्ताक्षर करने के लिए निर्देशित किया था. योगेंद्र पटेल के बयान के आधार पर पुलिस वित्त एवं लेखा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है. इस पूरे प्रकरण में आरोपी कर्मचारी योगेंद्र पटेल के अतिरिक्त नौकरी, कोर्स छोड़ने वाले कर्मचारी और विद्यार्थी भी शामिल हो सकते हैं.
