भिलाईनगर – प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सड़क- 2 सेक्टर-7 स्तिथ पीस ऑडिटोरियम ग्राउंड में चैतन्य देवियों की भव्य आकर्षक झांकी बनाया गया है, जिसमें ध्वनि एवं प्रकाश के अद्भूत समायोजन से शिव की शक्ति राजयोग साधनारत ब्रह्माकुमारी बहनों को चैतन्य देवी मूर्ति रूप में दिखाया गया हैं. विशाल अलौकिक झांकी में पर्वतों एवं अंतरिक्ष से चैतन्य देवियां रहस्यमय ढंग से प्रगट हो रही है.
पर्वतों के मध्य एवं धरती के गर्भ से सिंह पर सवार मां जगदंबा प्रकट होकर विकारों और बुराइयों का प्रतीक महिषासुर का वध का दृश्य सभी को मंत्रमुग्ध करता है. कमलपुष्प पर विराजमान माँ लक्ष्मी जी के दर्शन होते है और दूसरी ओर मां सरस्वती को हंस पर विराजित होते हुए दिखाया गया है और मां काली एवं देवी उमा को गुफा से निकलकर दर्शन देते हुए दिखाया गया है.
एक के बाद एक प्रगट हो रही मूर्ति रूप में चैतन्य देवियों से सभी भक्तजन शक्ति प्राप्त कर अपनी जीवन की बुराइयों को अर्पण कर रहे है जिसे झांकी के अंत में राजयोग मेडिटेशन कमेंट्री द्वारा प्रेरणा दी जा रही है. ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा राजयोग की सतत साधना और गहन तपस्या के फलस्वरूप मन की एकाग्रता एवं शारीरिक स्थिरता द्वारा चैतन्य देवियों के रूप में विराजित होती हैं तो वह सजीव होते हुए भी एकदम निर्जीव मूर्तियों के समान प्रतीत होती हैं.
कुछ पल उस वातावरण में बैठने से भक्तों को उनके द्वारा प्रवाहित शान्ति और शक्ति के प्रकम्पनों की अलौकिक अनुभूति होती है. इस सम्पूर्ण झांकी में यह संदेश दिया जा रहा है की आसुरी वृत्तियों और बुराइयों को शिव से प्राप्त शक्तियों के रूप में हर मानव अपने में व्याप्त बुराइयों का संहार कर सकता है.
