बीजापुर : बीजापुर जिले में अगवा किए गए फरसेगढ़ के पूर्व सरपंच और BJP कार्यकर्ता महेश गोटा को नक्सलियों ने धारदार हथियार से जख्मी कर सोमनपल्ली के पास छोड़ दिया. BJP नेता के शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान है. बताया जा रहा है कि, नक्सलियों ने महेश गोटा को रात करीब 11 बजे फरसेगढ़-कुटरू मार्ग पर अधमरा फेंक दिया था. इसकी जानकारी परिजनों को मिली तो कुछ ही देर में वे मौके पर पहुंचे. फिर एंबुलेंस 108 की मदद से घायल को बीजापुर जिला अस्पताल लाया गया. नाजुक हालत को देखते हुए उसे जगदलपुर मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया है.
वहीं महेश के परिजनों ने बताया कि, महेश के शरीर में काफी जगह चोट के निशान हैं. उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. बोलने की स्थिति में नहीं है. महेश के अधमरी अवस्था में मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई है. उधर, जिन 49 ग्रामीणों को नक्सलियों ने रिहा किया है उनमें में काफी दहशत बनी हुई है.
उल्लेखनीय है कि, दामाराम गांव में स्थित कुपरेल की पहाड़ी में हर साल ये ग्रामीण पूजा करने जाते हैं. यह पूजा अच्छी खेती और क्षेत्र में शांति के लिए की जाती है. फरसेगढ़, कुटरू, गुदमा सहित कई गांवों के करीब 200 से 250 ग्रामीण रविवार की सुबह यही पूजा करने के लिए दामाराम गांव में स्थित कुपरेल की पहाड़ी गए थे.
इसी दौरान 50 से ज्यादा ग्रामीणों को नक्सलियों ने अगवा कर लिया और अपने साथ ले गए थे. इसमें पूर्व सरपंच महेश गोटा भी शामिल था. नक्सलियों ने पूछताछ के बाद 49 ग्रामीणों को उसी दिन देर शाम को छोड़ दिया था, लेकिन महेश गोटा को बंधक बनाकर रखा था.
बता दें कि, महेश गोटा की छोटी बेटी का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह अपील करते हुए कह रही थी कि, मेरे पापा पूजा करने गए थे. तभी उन्हें नक्सली उठाकर ले गए. मैं चाहती हूं की मेरे पापा को नक्सली छोड़ दें.
