1912 में समंदर में डूबे टाइटैनिक जहाज के मलबे को देखने के लिए 5 अरबपतियों को ले जाने वाली टाइटन पनडुब्बी दुर्घटना का शिकार हो गई और, उसमें सवार पांचों अरबपति यात्रियों की मौत हो गई है. पिछले कई दिनों से कई देशों के बचाव-दल उस लापता हुई पनडुब्बी को खोजने में जुटे थे. यूएस कोस्टगार्ड्स ने बताया कि गुरुवार, 22 जून को उसका मलबा टाइटैनिक के पास मिला. जिसके बाद पनडुब्बी की ऑनर कंपनी ओशनगेट (Ocean Gate) ने हादसे की पुष्टि की.

न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के अनुसार, ओशनगेट कंपनी ने अपने बयान में कहा- हमने टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी यात्रियों को खो दिया है. इस हादसे पर हम शोक व्यक्त करते हैं. दुख की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं उन पांचों यात्रियों के परिवारों के साथ हैं.’ हालांकि, यह दुखद हादसा हुआ कैसे, इस बारे में कंपनी ने अभी विवरण नहीं दिया. कुछ खोजकर्ताओं का मानना है कि जो पनडुब्बी रविवार, 18 जून की सुबह 6 बजे उत्तर अटलांटिक महासागर में अपनी यात्रा के दौरान लापता हुई थी, उसके चालक दल के पास 4 दिन के लायक ही ऑक्सीजन थी. गुरुवार सुबह वो ऑक्सीजन खत्म हो गई थी.
टाइटन पनडुब्बी के लापता होने की सूचना मिलते ही अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों के खोजकर्ताओं की टीम सर्च-ऑपरेशन में जुट गई थीं. हालांकि, 4 दिनों तक किसी को समुद्र में वो पनडुब्बी नहीं मिली. सर्च-ऑपरेशन को 96 घंटे बीत चुके थे और जैसा कि पहले बताया गया था कि पनडुब्बी में 4 दिन के लायक ही ऑक्सीजन थी, वो खत्म हो चुकी थी. यूएस कोस्ट गार्ड ने एक बयान जारी किया, कि मध्य अटलांटिक महासागर में जहां 1912 में टाइटैनिक जहाज डूबा था, उसी के पास उन्हें पनडुब्बी का मलबा मिला है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मलबा उसी पनडुब्बी का है, जो 18 जून 2023 को लापता हुई.
हादसे की क्या रही होगी वजह
पनडुब्बी के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजहों को जानने की कोशिश की जा रही है. एक रिपोर्ट में बताया गया कि लापता पनडुब्बी में 10 साल पुराने गेमिंग कंट्रोलर का इस्तेमाल किया गया था, जिसने काम करना बंद कर दिया होगा. वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पनडुब्बी जब गहराई में जा रही थी, तो उसमें तकनीक खराबी आ गई होगी. और, ये भी हो सकता है कि वो टाइटैनिक जहाज के मलबे से टकराकर फंस गई हो.
कौन थे पनडुब्बी में सवार पांच अरबपति यात्री?
पनडुब्बी में सवार पांचों अरबपति यात्री टाइटैनिक जहाज के अवशेष को देखने के लिए गए थे. उस पनडुब्बी में ब्रिटिश-पाकिस्तानी अरबपति शहजादा दाऊद (एंग्रो कोर्प के उपाध्यक्ष) और उनका बेटा सुलेमान, ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, फ्रांसीसी पर्यटक पॉल-हेनरी नार्गियोलेट और ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश सवार थे.
