बिलासपुर : अभी कुछ दिनों पहले ही कर्नाटक के चुनाव का निर्णय आया जो पूर्ण रूप से कांग्रेस के पक्ष में था और निश्चित ही यह परिणाम काफी चौंकाने वाला भी था क्योंकि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतनी अधिक रैलियां, सभा और रोड शो करके भारतीय जनता पार्टी को जिताने की कोशिश की इसके बावजूद परिणाम निराशाजनक रहा जबकि यह परिणाम कांग्रेस के लिए पूरी पार्टी में जान फूंकने वाला है, क्योंकि सामने ही 2024 में लोकसभा के चुनाव है जिसको लेकर कांग्रेस का पार्टी हर कार्यकर्ता उत्साहित है.

सभापति अंकित गौरहा ने कर्नाटक चुनाव के परिणाम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि कर्नाटक चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 135 सीट जीतकर यह साबित कर दिया कि कांग्रेस आज भी एक ऐसी पार्टी है जिसकी विचारधारा संविधान पर अधारित है और सब के विकास के साथ ही आपसी प्रेम और सद्भावना के आधार पर ही पार्टी का हर कार्यकर्ता कार्य करता है और अगर आपके कर्म अच्छे हैं तो सफलता निश्चित ही मिलती है.
जिन्होंने अपनी गंदी राजनीति के लिए हमारे इष्ट और आराध्य भगवान बजरंगबली को भी नहीं बख्शा उनका नाम लेकर उन्होंने जनता से वोट मांगी और कांग्रेस को सजा देने की बात कहीं फिर भी दुर्भाग्य की बात यह है कि चुनाव आयोग ने आज तक उनके ऊपर इस विषय में संज्ञान नहीं लिया और न ही कुछ कार्यवाही की. कांग्रेस मुक्त भारत की बात कहने वाले यह भूल जाते हैं की कांग्रेस सिर्फ एक पार्टी नहीं बल्कि विचारधारा है. इसे आप लोगों के दिलों से जबरन नहीं हटा सकते.
