रायपुर : डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों ने एक बार अपने इलाज का लोहा मनवाया है. डॉक्टर्स की टीम ने एक युवक का ऑपरेशन कर उसका हाथ कटने से बचा लिया. इतना ही नहीं आयुष्मान योजना से मरीज का निशुल्क इलाज कर उसे अपंग होने से बचा लिया गया. विभाग के डॉक्टरों के मेहनत, परिश्रम और लगन से मरीज के हाथ का टूटा हुआ हिस्सा जुड़ गया. युवक का रायपुर में बाइक से दुर्घटना हुआ था. इससे उसके दाहिने भुजा की हड्डी बीचो-बीच से टूट गई थी. हड्डी टूटने की वजह से भुजा की मोटी नस ब्रेकियल आर्टरी भी कट गई थी. हड्डी टूटने के साथ ही नस भी कट गया था. इससे युवक का हाथ खराब हो सकता था. बताया जाता है कि दुर्घटना के चंद घंटे बाद हाथ पूरी तरह से ठंडा पड़ गया था. हालांकि समय रहते इलाज कर उसे बचा लिया गया.

मरीज के दाहिने भुजा की हड्डी टूटने एवं खून की नस कटने को चिकित्सकीय भाषा में “फ्रैक्चर ह्यूमरस विद ब्रेकियल आर्टरी इंज्यूरी” कहते हैं. वहीं जो ऑपरेशन किया गया उसको “ब्रेकियल आर्टरी रिपेयर विद इंटरनल फिक्सेशन ऑफ फ़्रैक्चर ह्यूमरस” कहते हैं. ऑपरेशन में हड्डी रोग विभाग से डॉ. राजेन्द्र अहिरे, डॉ. सौरभ जिंदल डॉ. लिंगराज एवं हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग से विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू और एनेस्थीसिया से डॉ. नीतीश ने अपनी सेवाएं दी. हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू इस ऑपरेशन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि खून की नस के कट जाने से हाथों में खून का बहना बंद हो गया था. इसका इमर्जेंसी ऑपरेशन नहीं होता तो धीरे-धीरे हाथ का यह हिस्सा काला पड़ना शुरू हो जाता और भविष्य में ये हाथ कोई काम नही कर सकता.
इस ऑपरेशन के संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. राजेन्द्र अहिरे ने बताया कि घायल युवक 23 अप्रैल की रात इमरजेंसी ट्रामा में आया. डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार प्रारंभ किया. उसके बाद एक्स रे, सीटी स्कैन और सोनोग्राफी की जांच हुई. युवक की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने जल्द से जल्द टूटी भुजा और खून की नस को जोड़ने की योजना बनायी. आनन-फानन में मरीज को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया. डॉ. राजेन्द्र अहिरे ने आगे कहा कि ऑपरेशन में सबसे पहले हड्डी को खोलकर स्क्रू और प्लेट लगाया. फिर हड्डी को बैठाया गया. कटे हुए खून की नस के दोनों हिस्से को डॉ. केके साहू ने एंड टू एंड रिपेयर किया गया. आज 19 दिन बाद हाथ पूरी तरह से ठीक हो गया है. उहोंने कहा कि यदि समय पर ऑपरेशन नहीं होने से हाथ गैंगरीन हो जाता.
