सूरत : सूरत सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी की अपील स्वीकार कर ली है. राहुल गांधी को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गयी है. अब अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी. राहुल गांधी भी सुनवाई के लिए सूरत कोर्ट पहुंचे थे. राहुल गांधी को 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी सरनेम वाले बयान वाले मामले में सूरत की निचली अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद ही उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी. इसके खिलाफ राहुल गांधी ने गुजरात के सूरत स्थित सेशन कोर्ट का रुख किया है.

राहुल गांधी के साथ उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी सूरत पहुंची. साथ ही सीएम भूपेश बघेल, सीएम अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के तमाम नेता सूरत पहुंचे है.
जानकारी के अनुसार सूरत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की कोर्ट ने मोदी सरनेम को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई एक टिप्पणी के संबंध में दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में उन्हें 23 मार्च को दोषी करार देते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी. हालांकि, अदालत ने राहुल गांधी को उसी दिन जमानत भी दे दी थी और उनकी सजा के अमल पर 30 दिन के लिए रोक लगा दी थी, ताकि वह ऊपरी अदालत में अपील दाखिल कर सकें.
सूरत की अदालत की ओर से दोषी ठहराए जाने के बाद, लोकसभा सचिवालय ने 24 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था. लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद राहुल गांधी आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, बशर्ते कोई उच्च अदालत उनकी दोषसिद्धि और सजा पर रोक न लगा दे. राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने उस टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है.
